E20 पेट्रोल के जबरन क्रियान्वयन के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने ‘Stop E20 Petrol’ हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। सौरभ भारद्वाज ने वाहन मालिकों के लिए 100% शुद्ध पेट्रोल के विकल्प की मांग की है।
भारत में E20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित ईंधन) को अनिवार्य रूप से लागू किए जाने के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसके खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलते हुए ‘Stop E20 Petrol’ नामक एक ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज सहित पूरी ‘आप’ टीम देश के करोड़ों वाहन मालिकों के अधिकारों और उनके वाहनों की सुरक्षा के लिए जनता से इस याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील कर रही है।
पार्टी का स्पष्ट रुख है कि उपभोक्ताओं को यह चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए कि वे अपनी गाड़ी के अनुकूल कौन सा ईंधन इस्तेमाल करना चाहते हैं।
मुख्य चिंता: बिना किसी वैकल्पिक विकल्प (Pure Petrol) के देश भर के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन को जबरन थोपा जा रहा है, जिससे पुरानी और अनुपयुक्त गाड़ियों के इंजनों में खराबी और माइलेज में भारी गिरावट आ रही है।
उपभोक्ताओं के पास हो ईंधन चुनने का अधिकार: सौरभ भारद्वाज
I just signed this citizens’ petition requesting that standard petrol continue to remain available alongside E20.
If you believe consumers should have the freedom to choose the right fuel for their vehicle, please take 30 seconds to read and sign: https://t.co/NJszj6MexU pic.twitter.com/YavN33W0aK
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) July 14, 2026
आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सरकार का एथनॉल ब्लेंडिंग का फैसला पर्यावरण के लिहाज से सही हो सकता है, लेकिन इसे बिना किसी तैयारी और पारदर्शिता के लागू करना सरासर गलत है। पेट्रोल पंपों पर न तो एथनॉल की मात्रा का कोई स्पष्ट खुलासा किया जा रहा है और न ही उपभोक्ताओं को 100% शुद्ध पेट्रोल चुनने का विकल्प मिल रहा है।
सौरभ भारद्वाज और पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों और ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों का दौरा किया, जहां आम वाहन मालिकों ने अपनी शिकायतें साझा कीं। लोग इस बात से बेहद परेशान हैं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद से उनके दोपहिया और चौपहिया वाहनों की माइलेज 30% से 50% तक गिर गई है और इंजन के पार्ट्स में जंग व खराबी की समस्या बढ़ गई है।
पुरानी और गैर-अनुकूल (Legacy) गाड़ियों को बड़ा खतरा
वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, एथनॉल में सामान्य पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा का घनत्व (Energy Density) कम होता है और यह नमी को जल्दी सोखता है (Hygroscopic)। भारत की सड़कों पर दौड़ने वाले करोड़ों वाहन BS-IV या उससे भी पुराने हैं, जो E20 ईंधन के अनुकूल बिल्कुल नहीं बने हैं। जब इन गाड़ियों में एथनॉल मिश्रित ईंधन डाला जाता है, तो इसके फ्यूल पंप, इंजेक्टर और इंजन के खराब होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इसके अलावा, ऑटोमोबाइल कंपनियां ईंधन से होने वाले नुकसान पर गाड़ी की वारंटी भी खत्म कर रही हैं, जिसका पूरा आर्थिक बोझ आम उपभोक्ताओं पर आ रहा है।
‘Stop E20 Petrol’ अभियान की प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी ने इस देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान के जरिए केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- पेट्रोल चुनने का विकल्प मिले: देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल के साथ-साथ पारंपरिक शुद्ध पेट्रोल (100% Pure Petrol) और E10 पेट्रोल की उपलब्धता अनिवार्य की जाए।
- कीमतों में हो कटौती: चूंकि E20 पेट्रोल में ऊर्जा कम होती है और माइलेज कम मिलती है, इसलिए इसकी खुदरा कीमत शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले काफी कम तय की जानी चाहिए।
- पूर्ण पारदर्शिता: हर पेट्रोल पंप के नोजल और बिल पर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि उस ईंधन में कितने प्रतिशत एथनॉल मिला हुआ है, ताकि ग्राहक अनजाने में अपनी गाड़ी खराब न करें।
सौरभ भारद्वाज और आम आदमी पार्टी ने जनता से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इस ऑनलाइन पेटिशन पर जाएं और 30 सेकंड का समय निकालकर इस पर हस्ताक्षर करें ताकि सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सके।