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भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुवाई कर सकते हैं। रवि शास्त्री ने उनकी वापसी का स्वागत किया और मोहम्मद शमी को टेस्ट व वनडे टीम में शामिल करने की वकालत की।
भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी से टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भुवनेश्वर कुमार जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की अगुवाई कर सकते हैं। बुमराह को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है, जबकि भुवनेश्वर के साथ अर्शदीप सिंह भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी भुवनेश्वर की वापसी का स्वागत किया है। उनका मानना है कि भुवनेश्वर का अनुभव और गेंदबाजी की क्षमता न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में टीम इंडिया के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। वहीं, शास्त्री ने लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी की वापसी की भी पैरवी की है।
न्यूजीलैंड दौरे पर भुवनेश्वर कुमार से बड़ी उम्मीदें
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार को 6 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था। इस सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर को हैगले ओवल में होनी है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मूवमेंट से मदद मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज का टीम में होना भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
भुवनेश्वर ने अपनी गेंदबाजी से कई बार नई गेंद के साथ बल्लेबाजों को परेशान किया है। उनकी गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता और सटीक लाइन-लेंथ उन्हें खास बनाती है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में शुरुआती ओवरों के दौरान गेंद को स्विंग कराने की उनकी काबिलियत भारतीय टीम को विकेट दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के कारण भुवनेश्वर पर जिम्मेदारी और बढ़ सकती है। अर्शदीप सिंह के साथ उनकी जोड़ी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और विविधता दे सकती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 में भी उतरे भुवनेश्वर
न्यूजीलैंड रवाना होने से पहले भुवनेश्वर कुमार 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने। हालांकि, बारिश के कारण मुकाबले में उन्हें गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिल सका। इस वजह से उनकी मौजूदा लय और मैच फिटनेस को गेंदबाजी के लिहाज से परखने का अवसर नहीं मिला।
भुवनेश्वर इंडियन प्रीमियर लीग में भी अपनी गेंदबाजी से अलग पहचान बना चुके हैं। वह आईपीएल इतिहास में 200 से अधिक विकेट लेने वाले एकमात्र तेज गेंदबाज हैं। टी20 क्रिकेट में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब टीम को न्यूजीलैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है।
रवि शास्त्री ने भुवनेश्वर की वापसी को बताया सही फैसला
पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर खुशी जताई है। उनका मानना है कि गेंदबाज के अनुभव और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल करना एक स्वाभाविक फैसला है।
शास्त्री ने कहा, “जब आपके पास भुवनेश्वर की गुणवत्ता और अनुभव वाला गेंदबाज हो, तो उसे टीम में शामिल करना कोई मुश्किल फैसला नहीं है। आईपीएल में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया और भारतीय टीम के साथ उनका जो अनुभव रहा है, उसे देखते हुए वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।”
शास्त्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारतीय टीम को तेज गेंदबाजी में अनुभवी विकल्पों की जरूरत है। भुवनेश्वर नई गेंद के साथ स्विंग कराने के अलावा डेथ ओवरों में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, न्यूजीलैंड में उनका वास्तविक प्रदर्शन सीरीज के दौरान ही सामने आएगा।
मोहम्मद शमी की वापसी पर भी बोले रवि शास्त्री
भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बीच मोहम्मद शमी अब भी भारतीय टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। रवि शास्त्री ने शमी का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्होंने टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट में वापसी के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है। शास्त्री के मुताबिक, शमी को टेस्ट और वनडे टीम में जगह मिलनी चाहिए।
शास्त्री ने कहा, “उन्होंने लाल और सफेद गेंद, दोनों प्रारूपों में इतना अच्छा प्रदर्शन किया है कि उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में वापस बुलाया जाना चाहिए।”
शमी का अनुभव भारतीय गेंदबाजी के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है। वह नई गेंद से विकेट लेने के साथ पुरानी गेंद से भी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में उनकी वापसी से भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी विकल्पों में इजाफा हो सकता है।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से टीम इंडिया से बाहर हैं शमी
मोहम्मद शमी ने आखिरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ भारत के पहले ग्रुप मुकाबले में पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद वह अब तक राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं।
शमी ने घरेलू क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है। बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ उन्होंने चार विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन के बाद टेस्ट टीम में उनकी वापसी की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल नहीं किया।
शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लंदन के द ओवल मैदान पर खेला था। तब से वह टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय गेंदबाजी के लिए अहम हो सकते हैं दोनों अनुभवी खिलाड़ी
भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम में जगह मिलने से भारतीय गेंदबाजी को अनुभव मिला है, जबकि मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर रवि शास्त्री के बयान ने बहस तेज कर दी है। भुवनेश्वर के सामने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। दूसरी ओर, शमी के घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के बावजूद राष्ट्रीय टीम में चयन नहीं होने का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।
आने वाली सीरीज में भुवनेश्वर का प्रदर्शन यह तय करने में अहम हो सकता है कि वह भारतीय टीम में अपनी जगह कितनी मजबूती से बना पाते हैं। वहीं, शमी की वापसी पर अंतिम फैसला चयनकर्ताओं को लेना है। यदि दोनों अनुभवी तेज गेंदबाज भारतीय टीम में नियमित भूमिका हासिल करते हैं, तो आने वाले मुकाबलों में भारत के गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूती मिल सकती है।