Table of Contents
रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को वनडे विश्व कप से पहले तीनों फॉर्मेट में खेलने से बचने की सलाह दी है। जानिए न्यूजीलैंड सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर उन्होंने क्या कहा।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अहम सलाह दी है। शास्त्री का मानना है कि अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए बुमराह को फिलहाल तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने से बचना चाहिए। उनकी राय में भारतीय टीम को इस दिग्गज तेज गेंदबाज के कार्यभार का सावधानी से प्रबंधन करना चाहिए, ताकि वह बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह फिट और तरोताजा रह सकें। बुमराह ने 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और तब से वह तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए कई यादगार प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी गैरमौजूदगी में वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को विरोधी बल्लेबाजों पर नियंत्रण रखने में मुश्किल हुई। ऐसे में रवि शास्त्री की यह सलाह भारतीय टीम की आगामी योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तीनों फॉर्मेट में खेलने से बचें बुमराह: रवि शास्त्री
रवि शास्त्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कहा कि वनडे विश्व कप तक बुमराह को तीनों फॉर्मेट में नियमित रूप से नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय तेज गेंदबाज को टेस्ट क्रिकेट पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए और वनडे तथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में चुनिंदा मैच खेलने चाहिए।
शास्त्री के मुताबिक, बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज को बड़े मुकाबलों के लिए बचाकर रखना जरूरी है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज का विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि इन मुकाबलों में बुमराह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
तेज गेंदबाजों पर लगातार मैच खेलने से शारीरिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कार्यभार प्रबंधन के जरिए चोट के जोखिम को कम करने और खिलाड़ी की फिटनेस बनाए रखने की कोशिश की जाती है। बुमराह के मामले में यह रणनीति इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल हैं।
वनडे विश्व कप से पहले फिटनेस सबसे बड़ी प्राथमिकता
अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए बुमराह की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। बड़े टूर्नामेंट में टीम को ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है, जो शुरुआती ओवरों में विकेट लेने के साथ-साथ अंतिम ओवरों में भी रन रोक सके। बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर, विविध गेंदबाजी और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
शास्त्री ने भारतीय टीम प्रबंधन को भी बुमराह के कार्यभार पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनका मानना है कि गेंदबाज को हर सीरीज में खिलाने के बजाय जरूरत के अनुसार आराम देना चाहिए। इससे विश्व कप के समय उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, बुमराह को किन मुकाबलों में खेलना चाहिए और किनसे आराम दिया जाना चाहिए, इसका अंतिम फैसला टीम प्रबंधन, चयनकर्ताओं और मेडिकल स्टाफ को खिलाड़ी की फिटनेस तथा टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर करना होगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज से बाहर
रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आराम दिया गया है। वह 4 से 15 नवंबर तक होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज में भी नहीं खेलेंगे। इसके बाद उनकी वापसी न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में होनी है, जिसकी शुरुआत 19 नवंबर को वेलिंगटन में होने वाले मुकाबले से होगी।
बुमराह ने 2026 टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत की जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने उस मुकाबले में चार विकेट हासिल किए थे। उनका यह प्रदर्शन बड़े मैचों में उनकी उपयोगिता को दिखाता है। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने चुनौती होगी कि उन्हें पर्याप्त आराम देने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए तैयार भी रखा जाए।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना भारत के लिए मुश्किल
रवि शास्त्री ने भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार, भारतीय टीम के लिए फाइनल तक पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम को अपने बचे हुए सात टेस्ट मैचों में से कम से कम छह जीतने की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही अन्य टीमों के नतीजों पर भी भारत की उम्मीदें निर्भर करेंगी।
शास्त्री ने कहा कि भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट जीतने होंगे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच में से कम से कम चार टेस्ट जीतने की कोशिश करनी होगी। उन्होंने माना कि यह लक्ष्य असंभव नहीं है, लेकिन इसके लिए टीम को लगभग 90 प्रतिशत मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी और दूसरे मैचों के परिणाम भी भारत के पक्ष में आने जरूरी होंगे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज होगी अहम
भारत के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। इन मुकाबलों में बुमराह की भूमिका काफी अहम हो सकती है, क्योंकि उनकी गेंदबाजी विपक्षी टीम पर दबाव बनाने और महत्वपूर्ण विकेट निकालने में मदद कर सकती है।
रवि शास्त्री की सलाह से साफ है कि भारतीय टीम को आने वाले महीनों में खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाना होगा। बुमराह को चुनिंदा मैचों में उतारना और बड़े मुकाबलों के लिए तैयार रखना टीम की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन उनके कार्यभार को लेकर क्या योजना अपनाता है और आगामी टेस्ट सीरीज में टीम कैसा प्रदर्शन करती है।