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सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। भारत ने नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा करते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों पर भारत ने कड़ी नाराजगी जताई है। भारत ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और तत्काल रोकने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भारत सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद भी जताई। यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हो गए। इसके अलावा, क्षेत्र में अरामको मुख्यालय सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।
रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक की मौत
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने इस घटना पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल और दूतावास के अधिकारियों ने मृतक के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दूतावास के अनुसार, परिवार की इच्छा के मुताबिक मृतक का अंतिम संस्कार रियाद में किया गया। भारतीय अधिकारियों ने अस्पतालों में भर्ती घायल नागरिकों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दूतावास लगातार प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों के संपर्क में है, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
घायल भारतीयों का अस्पताल में चल रहा इलाज
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 10 अक्टूबर के हमले में कुल 12 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में 11 भारतीय नागरिक घायल हुए थे। इनमें से तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि आठ अन्य अस्पताल में भर्ती रहे। इनमें चार घायल गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में चिकित्सकीय निगरानी में थे। हालांकि, भारतीय दूतावास की ओर से अलग-अलग समय पर जारी अपडेट में अस्पताल में भर्ती लोगों की स्थिति में बदलाव की जानकारी भी दी गई। दूतावास ने बताया कि अधिकारी घायल भारतीयों का हाल जानने के लिए अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और उनके परिजनों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। भारत ने सऊदी अधिकारियों की ओर से घायलों को उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा उपचार के लिए आभार भी व्यक्त किया है।
अरामको मुख्यालय पर हमले की भी भारत ने की निंदा
भारत ने सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हमले हो रहे हैं और हाल में अरामको मुख्यालय को भी निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। भारत ने सभी ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है। जायसवाल ने कहा कि नागरिक ठिकानों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। भारत की ओर से सऊदी अरब की सरकार और जनता के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत का यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा और वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।
सऊदी अरब में भारतीयों के लिए दूतावास की एडवाइजरी
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय दूतावास ने कई महत्वपूर्ण सलाह जारी की हैं। दूतावास ने भारतीय समुदाय से स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने की अपील की है। इसके साथ ही सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय की चेतावनी को भी साझा किया गया है। इस चेतावनी में कहा गया है कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई या उनके प्रभाव वाले स्थानों से संबंधित जानकारी की तस्वीरें लेना, उन्हें प्रकाशित करना अथवा साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। ऐसे में भारतीय नागरिकों को सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने और संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह भारतीय समुदाय के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हवाई हमलों के बीच उड़ान सेवाएं प्रभावित
सऊदी अरब में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताओं का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा है। भारतीय विमानन कंपनियों इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया ने सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सऊदी अरब के विभिन्न शहरों से आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रियाद, दम्माम, मदीना और जेद्दा से जुड़ी उड़ानों के कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय दूतावास प्रभावित यात्रियों और वहां फंसे लोगों को उड़ानों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध करा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें और दूतावास की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान दें।
हमले में 12 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल होने की जानकारी
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (GACA) ने हमले के बाद जारी बयान में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बयान के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिक शामिल थे। इसके अलावा बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक की मौत होने की जानकारी दी गई। घायलों में गंभीर स्थिति वाले लोग भी शामिल थे, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद 11 अक्टूबर के हमले के बाद सुरक्षा जांच और नुकसान का आकलन करने के लिए हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। भारत ने दोहराया है कि विदेशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए भारतीय दूतावास लगातार काम करता रहेगा।