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सितंबर 2026 में भारत में 25.36 लाख से अधिक वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 31.82 प्रतिशत ज्यादा है। कारों, दोपहिया और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी जोरदार वृद्धि हुई।
सितंबर 2026 भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए बेहद शानदार महीना साबित हुआ। फेस्टिव सीजन की शुरुआत के साथ देशभर में वाहनों की खरीदारी में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी FADA के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में देशभर में 25,36,920 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई। पिछले साल सितंबर के मुकाबले यह बिक्री 31.82 प्रतिशत अधिक रही। वहीं अगस्त 2026 की तुलना में भी सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री में 4.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि छह प्रमुख वाहन श्रेणियों में से पांच के लिए सितंबर अब तक का सबसे बेहतर महीना रहा। इस मजबूत प्रदर्शन ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही को भी शानदार बना दिया है।
पहली छमाही में 1.55 करोड़ से ज्यादा वाहनों की बिक्री
FADA के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में देश में कुल 1,55,12,319 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 20.77 प्रतिशत अधिक है। सितंबर में आई तेजी ने ऑटो सेक्टर की समग्र बिक्री को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फेस्टिव सीजन के दौरान ग्राहकों की खरीदारी बढ़ने, बाजार में नए मॉडल आने और अलग-अलग सेगमेंट में बेहतर मांग ने डीलरों को राहत दी है।
सितंबर की बिक्री यह संकेत देती है कि भारतीय ऑटो बाजार में उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत बना हुआ है। दोपहिया से लेकर कार और कमर्शियल वाहनों तक कई श्रेणियों में मांग में तेजी देखने को मिली है। इसका सकारात्मक असर ऑटो डीलर्स, वाहन निर्माताओं और इससे जुड़े कारोबार पर भी पड़ सकता है।
कारों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
पैसेंजर व्हीकल यानी कारों की बिक्री सितंबर में ऑटो बाजार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। FADA के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में कुल 4,27,213 पैसेंजर व्हीकल की रिटेल बिक्री हुई। पिछले साल सितंबर की तुलना में यह 32.1 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ ही सितंबर पैसेंजर व्हीकल बिक्री के लिहाज से अब तक का सबसे बेहतर सितंबर बन गया।
कारों की मांग सिर्फ महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। शहरी बाजार में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 32.11 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ग्रामीण बाजार में इसमें 32.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। दोनों बाजारों में लगभग समान गति से मांग बढ़ना ऑटो कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे पता चलता है कि वाहन खरीदने की क्षमता और इच्छा छोटे शहरों तथा ग्रामीण इलाकों में भी मजबूत हुई है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में 33 प्रतिशत से ज्यादा उछाल
दोपहिया वाहन सेगमेंट ने भी सितंबर में शानदार प्रदर्शन किया। महीने के दौरान 17,90,188 दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री हुई। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33.08 प्रतिशत ज्यादा है। फेस्टिव सीजन से पहले दोपहिया वाहनों की मांग में आई तेजी ने इस सेगमेंट को मजबूती दी।
भारत के ऑटो बाजार में दोपहिया वाहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनकी बिक्री में तेज वृद्धि को उपभोक्ता मांग के व्यापक सुधार के तौर पर देखा जा सकता है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में दोपहिया वाहन परिवहन का प्रमुख साधन हैं, इसलिए इस सेगमेंट की मजबूती बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कमर्शियल और तीन पहिया वाहनों की बिक्री भी मजबूत
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने भी सितंबर में शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान 1,03,557 कमर्शियल वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 37.62 प्रतिशत अधिक है। कारोबार और परिवहन गतिविधियों में सुधार के साथ कमर्शियल वाहनों की मांग बढ़ने से इस सेगमेंट को फायदा मिला।
वहीं, तीन पहिया वाहनों की बिक्री 1,32,570 यूनिट रही। इसमें सालाना आधार पर 22.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तीन पहिया वाहनों की मांग में वृद्धि भी छोटे कारोबार, स्थानीय परिवहन और यात्री आवाजाही से जुड़ी गतिविधियों में सुधार का संकेत देती है।
पेट्रोल के साथ CNG, हाइब्रिड और EV की बढ़ी हिस्सेदारी
सितंबर में वाहन खरीदारों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिला। पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 41.27 प्रतिशत रही, जबकि वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की कुल हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत रही। इसमें CNG वाहनों की हिस्सेदारी 23.11 प्रतिशत, हाइब्रिड वाहनों की 9.44 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EV की हिस्सेदारी 8.45 प्रतिशत रही।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय ग्राहक अब केवल पारंपरिक पेट्रोल वाहनों तक सीमित नहीं हैं। ईंधन की लागत, पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता और नए विकल्प उपलब्ध होने के कारण CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार महत्वपूर्ण हो रही है।
अक्टूबर में फेस्टिव सीजन से और बढ़ सकती है बिक्री
सितंबर के शानदार प्रदर्शन के बाद अब ऑटो डीलर्स की नजर अक्टूबर की बिक्री पर है। FADA के मुताबिक, अक्टूबर को लेकर डीलर्स का रुख सावधानी के साथ सकारात्मक है। त्योहारी सीजन के दौरान शुभ दिनों पर होने वाली वाहन खरीदारी बाजार की रफ्तार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फेस्टिव सीजन में ग्राहक अक्सर कार, बाइक, स्कूटर और अन्य वाहन खरीदना पसंद करते हैं। ऐसे में सितंबर में दिखाई गई मजबूत मांग अक्टूबर में भी जारी रहने की उम्मीद है। यदि त्योहारी खरीदारी उम्मीद के मुताबिक रहती है, तो ऑटो सेक्टर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के शानदार प्रदर्शन के बाद दूसरी छमाही की शुरुआत भी मजबूत आंकड़ों के साथ कर सकता है। सितंबर की रिकॉर्ड बिक्री ने फिलहाल भारतीय ऑटो बाजार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार कर दिया है।