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लॉन्ग वीकेंड पर शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। तीन दिनों में शोघी बैरियर से करीब 70 हजार वाहन पहुंचे, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी।
लॉन्ग वीकेंड के दौरान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। अक्टूबर की शुरुआत में मिले लंबे वीकेंड का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी देश के अलग-अलग हिस्सों से शिमला पहुंचे। महज तीन दिनों में शोघी बैरियर से करीब 70 हजार वाहन शिमला की ओर पहुंचे। इनमें लगभग 60 प्रतिशत वाहन बाहरी राज्यों से आए थे। पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या में आमद से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया और कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी घंटों ट्रैफिक में फंसकर परेशानी का सामना करना पड़ा। शिमला में पर्यटन सीजन के दौरान आमतौर पर पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, लेकिन इस लॉन्ग वीकेंड पर वाहनों की संख्या ने पिछले सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक दबाव पैदा किया।
सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुने से ज्यादा वाहन पहुंचे
शोघी बैरियर से मिले आंकड़ों के अनुसार, लॉन्ग वीकेंड के दौरान शिमला पहुंचने वाले वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा रही। तीन दिनों में करीब 70 हजार वाहनों का शिमला पहुंचना शहर में पर्यटकों की भारी आमद को दर्शाता है। अकेले शनिवार को लगभग 25 हजार वाहन शोघी बैरियर से शिमला की ओर आए। शनिवार को वाहनों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि के कारण शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और अंदरूनी सड़कों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया। बड़ी संख्या में पर्यटक निजी वाहनों से पहाड़ों की ओर पहुंचे, जिसके कारण पार्किंग और सड़क पर आवाजाही की समस्या भी देखने को मिली। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को कम दूरी तय करने में भी काफी समय लगा।
ढली-संजौली मार्ग पर टारिंग ने बढ़ाई परेशानी
शिमला में भारी ट्रैफिक के बीच ढली से संजौली जाने वाले मार्ग पर चल रहा टारिंग का काम भी यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया। सड़क पर निर्माण कार्य के कारण कई जगह वाहनों की आवाजाही धीमी रही। पहले से ही पर्यटकों और बाहरी वाहनों की संख्या अधिक थी, ऐसे में सड़क पर चल रहे काम ने स्थिति को और जटिल कर दिया। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई और देखते ही देखते लंबी कतारें लग गईं। इसका असर आसपास के संपर्क मार्गों पर भी पड़ा। जाम के कारण पर्यटकों को अपने होटल या पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा, जबकि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी हुई परेशानी
लॉन्ग वीकेंड पर शिमला पहुंचे सैलानी जहां पहाड़ों की खूबसूरती और सुहाने मौसम का आनंद लेने पहुंचे थे, वहीं भारी ट्रैफिक ने उनके सफर का मजा कुछ हद तक फीका कर दिया। शहर के कई हिस्सों में जाम के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को वाहनों में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की क्षमता सीमित होने के कारण अचानक वाहनों की संख्या बढ़ने पर ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है। शिमला जैसे लोकप्रिय पर्यटन शहर में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान यह समस्या अक्सर ज्यादा दिखाई देती है। इस बार भी बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से आए वाहनों ने शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डाला।
पर्यटन कारोबार को मिला बड़ा फायदा
भले ही भारी पर्यटक भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा हो, लेकिन पर्यटन कारोबार के लिए यह लॉन्ग वीकेंड काफी अच्छा साबित हुआ। बड़ी संख्या में पर्यटकों के शिमला पहुंचने से होटल, रेस्तरां, टैक्सी सेवाओं, स्थानीय दुकानदारों और अन्य पर्यटन से जुड़े कारोबार को फायदा मिला। लंबे वीकेंड का लाभ उठाने के लिए कई परिवार और युवा समूह पहाड़ों की ओर पहुंचे। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है, क्योंकि सैलानी होटल में ठहरने के साथ भोजन, खरीदारी, टैक्सी और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर खर्च करते हैं। आने वाले दिनों में पर्यटन सीजन के और तेज होने की संभावना है, ऐसे में शिमला और प्रदेश के दूसरे पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
शिमला पुलिस ने की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की तैयारी
एएसपी सिटी शिमला मेहर पंवार ने बताया कि शहर में टारिंग का काम चलने के कारण भी ट्रैफिक का दबाव अधिक देखने को मिला। उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस की प्राथमिकता शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। पुलिस की ओर से लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है। पुलिस के मुताबिक, आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है, इसलिए ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। पर्यटकों से भी अपील की जा रही है कि वे सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन पार्क न करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों का इस्तेमाल करें।
नैनीताल और कैंची धाम में भी उमड़ी भीड़
शिमला की तरह उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लॉन्ग वीकेंड के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम समेत कुमाऊं क्षेत्र के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचे। कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और नीब करौरी धाम में भक्तों का तांता लगा रहा। पहाड़ी राज्यों के लोकप्रिय पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर एक साथ बढ़ी पर्यटकों की संख्या ने सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ा दिया। शिमला से लेकर नैनीताल तक दिखाई दी यह भीड़ इस बात का संकेत है कि लंबे वीकेंड और छुट्टियों के दौरान पहाड़ी पर्यटन स्थलों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग और सड़क व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी हो गया है।