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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि AAP ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छह दिन पहले अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने की बात कही।
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचेंगे। भारद्वाज ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन पुलिस की ओर से उन्हें बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन से करीब छह दिन पहले ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आधिकारिक तौर पर अनुमति मांगी थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने की बात कही जा रही है। उनका यह बयान उस समय आया जब जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
‘विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए जंतर-मंतर पर एकत्र होंगे। उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित करने की बात कही। उनके मुताबिक, नागरिकों को अपनी बात रखने और सरकार या संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से असहमति दर्ज कराने का अधिकार है।
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बीच भारद्वाज और अन्य AAP नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने सौरभ भारद्वाज समेत कई AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की वजह क्या है?
बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुँचकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन पुलिस हमें बता रही है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जबकि 6 दिन पहले ही AAP ने यहाँ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति मांगी थी।… pic.twitter.com/D1XCZOzoGE
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 2, 2026
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में शामिल विपक्षी दलों और संगठनों की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
AAP और अन्य प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए गए। वहीं, चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया है। ऐसे में प्रदर्शन के मुद्दे पर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद सामने आए हैं।
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की आशंका के चलते अतिरिक्त बल तैनात किया। प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और आसपास के कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर भी प्रतिबंध लगाए गए।
सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता हिरासत में
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ AAP के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी पुलिस कार्रवाई की जद में आए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से शांतिपूर्ण विरोध की बात कही गई, जबकि पुलिस ने अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंधों का हवाला दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस अनुमति और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और चर्चा में ला दिया है।