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जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान आतिशी समेत AAP नेताओं की हिरासत पर सियासत तेज हो गई। आतिशी ने पीएम मोदी और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता आतिशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। आतिशी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लिया, लेकिन वह इससे डरने वाली नहीं हैं।
आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगा था कि AAP नेताओं को डराया जा सकता है? उन्होंने कहा कि AAP नेता किसी से डरते नहीं हैं। आतिशी ने अपने बयान में पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक विरोध को दबाने की कोशिश बताया।
‘क्या लगा था, हम डर जाएंगे?’
आतिशी ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शायद सोचा होगा कि पुलिस भेजकर AAP नेताओं को डराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व महिला मुख्यमंत्री को जबरन हिरासत में लिए जाने के बावजूद उन्होंने विरोध जारी रखा।
आतिशी ने दावा किया कि जब पुलिस उन्हें वहां से ले जा रही थी, तब भी उन्होंने अपनी बात रखी और इसे लेकर चुनौती दी। उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। ये आरोप आतिशी के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
क्या सोचा था मोदी जी? डर जाएंगे? ये AAP के नेता हैं.. किसी से नहीं डरते। आपने अपनी पुलिस भेजकर एक पूर्व महिला CM @AtishiAAP जी को जबरन हिरासत में ले लिया तो सोचा वो डर जाएंगी?
उन्होंने जाते-जाते भी आपकी तानाशाही को चुनौती दे दी।
मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी 🔥 pic.twitter.com/v7BuGkoRmY
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 2, 2026
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली इलाके में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी।
प्रदर्शन में AAP के अलावा छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। पुलिस के मुताबिक, अनुमति नहीं होने के कारण लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
आतिशी समेत कई AAP नेता हिरासत में
रिपोर्टों के मुताबिक, आतिशी के अलावा AAP नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। विभिन्न रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से 700 से अधिक बताई गई है।
आतिशी को पुलिस बस में ले जाते हुए भी देखा गया। उन्होंने बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि वोट से जुड़े मुद्दे पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। AAP नेताओं का कहना है कि वे चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर विवाद
जंतर-मंतर का प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया है और SIR से जुड़े फैसलों को लेकर उठाए गए सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद बने हुए हैं।
‘AAP नेता किसी से नहीं डरते’
आतिशी ने अपने बयान में कहा कि AAP नेताओं को पुलिस कार्रवाई से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने अपने राजनीतिक संदेश में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और वोट से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के बाद AAP और अन्य विपक्षी समूहों ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया, प्रदर्शन की अनुमति और राजनीतिक दलों के विरोध के अधिकार को लेकर बहस और तेज हो गई है।