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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने फैसले को किसानों के हित में महत्वपूर्ण बताया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी के केंद्र सरकार के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) द्वारा लिया गया यह फैसला देश और प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने पर जोर
नायब सिंह सैनी ने कहा कि रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस निर्णय को किसानों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे किसानों की आय को मजबूती देने के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में भी सहायता मिल सकती है।
केंद्र सरकार ने 30 सितंबर 2026 को रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए छह अनिवार्य रबी फसलों के MSP में वृद्धि को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, इस वृद्धि का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है।
किस रबी फसल के MSP में कितनी बढ़ोतरी?
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने विपणन सीजन 2027-28 के लिए सभी अधिकृत रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री @narendramodi और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 30, 2026
केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रबी सीजन 2027-28 के लिए सबसे अधिक MSP बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) में की गई है। इसके MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
मसूर के MSP में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। नए MSP के तहत गेहूं का समर्थन मूल्य 2,610 रुपये, जौ का 2,286 रुपये, चना 5,958 रुपये, मसूर 7,390 रुपये, रेपसीड एवं सरसों 6,613 रुपये और कुसुम 7,215 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
नायब सैनी ने फैसले को बताया किसानों के लिए महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों के हित में लिए जा रहे ऐसे फैसले कृषि क्षेत्र को मजबूती देने में मदद करेंगे।
केंद्र सरकार के अनुसार, रबी फसलों के MSP में यह वृद्धि उस नीति के अनुरूप है, जिसके तहत MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर रखने का सिद्धांत अपनाया गया है। नए MSP में उत्पादन लागत पर मार्जिन गेहूं के लिए 106 प्रतिशत, रेपसीड एवं सरसों के लिए 96 प्रतिशत और मसूर के लिए 92 प्रतिशत बताया गया है।
फसल विविधीकरण को भी मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार के मुताबिक MSP में बढ़ोतरी का एक उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के साथ फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना भी है। विशेष रूप से कुसुम और रेपसीड-सरसों जैसी फसलों के MSP में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की गई है। इससे किसानों के लिए विभिन्न रबी फसलों के बीच आर्थिक विकल्पों को प्रभावित करने वाला मूल्य संकेत मिल सकता है।
नायब सिंह सैनी ने इसी व्यापक संदर्भ में केंद्र के फैसले को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में रबी फसलों के MSP में बदलाव का असर किसानों की आय और फसल चयन से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है