Table of Contents
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर महिलाओं से कथित बदसलूकी और उनका गला दबाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर FIR की मांग की।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पुलिस के बीच विवाद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान SHO और ACP की मौजूदगी में महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने कथित तौर पर बदसलूकी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें गला दबाकर रोकने की कोशिश की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह इस मामले की शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां भी शिकायत दर्ज कराने से रोका जा रहा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
‘महिलाओं के साथ पुलिस ने किया दुर्व्यवहार’
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में आरोप लगाया कि जिस समय पुलिस और AAP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ, उस दौरान मौके पर SHO और ACP स्तर के अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। भारद्वाज के अनुसार, महिलाएं अपनी शिकायत और न्याय की मांग को लेकर वहां पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने उनके साथ कथित तौर पर बल प्रयोग किया।
भारद्वाज ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने और न्याय की मांग करने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास जाता है तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए। AAP नेता ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने की कोशिश के दौरान भी उन्हें और उनके साथ मौजूद लोगों को रोका गया।
‘मुझे गला दबाकर मारने की कोशिश की गई’
कल SHO और ACP की मौजूदगी में पुलिस ने महिलाओं के साथ बदतमीजी की। मेरा गला दबाने की कोशिश की गई। हम ऐसी गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे। आज हम कमिश्नर के पास आए हैं complaint देने लेकिन हमें रोका हुआ है।@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/tZgPkZLlKg
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 29, 2026
सौरभ भारद्वाज ने अपने साथ हुई कथित घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, कई पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे से पकड़कर अलग-अलग दिशाओं में खींचा और उनका गला दबाया। उन्होंने अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि इस दौरान उनकी सांस रुकने लगी और वह बेहोश होने की स्थिति में पहुंच गए। भारद्वाज ने दावा किया कि महिला कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। भारद्वाज ने अपनी शिकायत में घटना से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की बात भी कही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित रूप से जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने पहुंचे थे AAP नेता
रिपोर्टों के मुताबिक, सौरभ भारद्वाज ने 29 सितंबर को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा, उनके सहयोगियों और कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसमें SHO घनश्याम किशोर और ACP निर्मल के नाम भी शामिल हैं। भारद्वाज ने पुलिस अधिकारियों पर कथित मारपीट, महिलाओं से बदसलूकी, अवैध हिरासत और उनके खिलाफ बल प्रयोग जैसे आरोप लगाए हैं।
AAP नेता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है और जांच एजेंसी को पूरा फुटेज दिया जा सकता है। उन्होंने मेडिकल जांच की मांग किए जाने के बावजूद जांच नहीं होने का भी आरोप लगाया है। इन दावों की जांच संबंधित पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा की जानी है।
सड़क निर्माण विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
यह पूरा विवाद दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण से जुड़े एक घटनाक्रम के बाद शुरू हुआ। 27 सितंबर को सड़क की गुणवत्ता को लेकर AAP विधायक जरनैल सिंह और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के बीच विवाद हुआ था। AAP नेताओं का आरोप है कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाने के दौरान एक युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश हुई। इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन युवक की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। भारद्वाज के मुताबिक, इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी।
AAP ने FIR और निष्पक्ष जांच की मांग की
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर और दिल्ली के उपराज्यपाल से मामले की जांच कराने तथा आरोपों की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में AAP की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ-साथ पुलिस और अन्य संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल भारद्वाज की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है। शिकायत में जिन पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से इन आरोपों पर अलग प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
शिकायत और जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
सौरभ भारद्वाज का कहना है कि वह और पार्टी कार्यकर्ता न्याय की मांग को लेकर पुलिस के पास गए थे, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, इस पूरे विवाद की शुरुआत सड़क निर्माण से जुड़े आरोपों और FIR दर्ज कराने की मांग से हुई थी। अब मामला पुलिस कमिश्नर के पास पहुंच चुका है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किसकी क्या भूमिका थी। फिलहाल AAP ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है।