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उज्जैन की शाही मस्जिद के पास सड़क चौड़ीकरण को लेकर हुए विवाद के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इलाके में 2,500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं और स्थिति शांतिपूर्ण है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को पुलिस और भीड़ के बीच हुए टकराव के एक दिन बाद प्रशासन ने इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रखा। बुधवार सुबह शाही मस्जिद के आसपास स्थिति शांतिपूर्ण रही और सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र में मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। मस्जिद के आसपास लोहे की स्कैफोल्डिंग भी लगाई गई है और इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
28 सितंबर को हुआ था पुलिस और भीड़ के बीच टकराव
यह विवाद 28 सितंबर को उस समय बढ़ गया था, जब सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस का सामना किया। पुलिस के अनुसार, स्थिति बिगड़ने के बाद पथराव की घटनाएं हुईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज का सहारा लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF के जवानों को भी इलाके में तैनात किया गया। इसके बाद प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।
उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा स्वयं शाही मस्जिद के आसपास मौजूद रहे। शहर में भी अलर्ट जारी किया गया, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति को बढ़ने से रोका जा सके।
मस्जिद समिति खुद हटा रही विवादित हिस्सा
उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि शाही मस्जिद स्थल पर पूरी तरह शांति है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित मस्जिद के हिस्से को मस्जिद समिति के सदस्य स्वयं हटा रहे हैं। कलेक्टर के मुताबिक, पिछले दिन कुछ लोगों ने माहौल खराब करने का प्रयास किया था और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया और उससे प्रभावित ढांचे से जुड़े विषय को तय समझौते के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। मौके पर पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी नए विवाद की स्थिति को रोकना है।
दुकानों को भी पुलिस की निगरानी में हटाया गया
शाही मस्जिद के आसपास स्थित दुकानों को पहले ही पुलिस की निगरानी में खाली कराया गया था। इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच पुलिस ने घुड़सवार मार्च भी किया। इसके अलावा मस्जिद के आसपास लोहे की स्कैफोल्डिंग लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत क्षेत्र में आवाजाही और गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों ने क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
हाई कोर्ट में याचिका का निपटारा
इस बीच शाही मस्जिद से जुड़े विवाद पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही याचिका का भी निपटारा हो गया है। यह घटनाक्रम शाही मस्जिद समिति और राज्य प्रशासन के बीच हुए समझौते के बाद सामने आया। समिति की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुलदीप पाठक के अनुसार, प्रशासन ने शुरुआत में मस्जिद के करीब 9.5 फीट हिस्से को हटाने की मांग की थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत अब संरचना के करीब तीन फीट हिस्से को हटाने पर सहमति बनी है।
प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर सहमति
समझौते के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। इसके साथ ही प्रभावित पक्षों को निर्धारित अधिग्रहण मानकों के अनुसार मुआवजा देने पर सहमति बनी है। मस्जिद परिसर के भीतर मौजूद मीनार को भी स्थानांतरित किया जाएगा। इस तरह प्रशासन और मस्जिद समिति के बीच हुए समझौते में ढांचे के प्रभावित हिस्से, दुकानों और मुआवजे से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
प्रशासन की नजर स्थिति पर
शाही मस्जिद से जुड़े विवाद के बाद उज्जैन में पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती का उद्देश्य इलाके में शांति बनाए रखना है। बुधवार को सुबह स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण रही। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की जा रही है। सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ी आगे की कार्रवाई अब प्रशासन और मस्जिद समिति के बीच हुए समझौते के प्रावधानों के अनुसार किए जाने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में दो-राष्ट्र समाधान पर भारत का रुख
पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा था कि भारत खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। उन्होंने पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में जारी तनाव तथा हिंसा पर भी चिंता जताई। भारत का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी और टिकाऊ शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान महत्वपूर्ण है।
जयशंकर की गुटेरेस के साथ बैठक और हालिया बयानों से स्पष्ट है कि भारत वैश्विक संघर्षों के व्यापक आर्थिक और मानवीय प्रभावों, खासकर विकासशील देशों की खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, को अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में रखने पर जोर दे रहा है। विदेश मंत्री ने विभिन्न मंचों से तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के सुचारु प्रवाह की जरूरत को रेखांकित किया है।