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AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सत्य निकेतन में BJP विधायक अनिल शर्मा से जुड़े PG को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने 230 वर्ग गज की रजिस्ट्री पर करीब 600 गज निर्माण का दावा किया।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG निर्माण को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच विवाद एक बार फिर सामने आया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी विधायक अनिल शर्मा से जुड़े बताए जा रहे PG को लेकर कई सवाल उठाए हैं। AAP के मुताबिक, सौरभ भारद्वाज मौके पर पहुंचे और मीडिया के सामने जमीन की रजिस्ट्री, निर्माण और स्वीकृत दस्तावेजों का हवाला देते हुए PG की वैधता पर सवाल खड़े किए।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जिस जमीन की रजिस्ट्री करीब 230 वर्ग गज की है, वहां लगभग 600 वर्ग गज में PG का निर्माण किया गया है। उन्होंने जमीन के दस्तावेजों और मौके पर मौजूद निर्माण के बीच कथित अंतर को लेकर जांच की मांग की।
230 वर्ग गज की रजिस्ट्री, 600 वर्ग गज निर्माण का दावा
भाजपा विधायक अनिल शर्मा के PG के सामने जाकर AAP प्रदेश अध्यक्ष @Saurbah_MLAgk जी ने मौके पर ही खोली भाजपा नेताओं के PG वाले धंधे की पोल।
मीडिया के सामने दिखाया कि कैसे सरेआम सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर 230 गज के कागज़ दिखाकर 600 गज में PG का अवैध निर्माण किया गया।
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— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 15, 2026
AAP की ओर से कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों में जमीन का क्षेत्रफल 230 वर्ग गज दर्ज है, जबकि मौके पर बना PG इससे काफी बड़े क्षेत्र में होने का दावा किया जा रहा है। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण 500 से 600 वर्ग गज के क्षेत्र में हुआ है, तो रजिस्ट्री में दर्ज 230 वर्ग गज से अधिक जमीन का कानूनी आधार क्या है।
AAP ने इस अंतर को लेकर संभावित सरकारी जमीन के इस्तेमाल या अतिक्रमण की जांच की मांग की है। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और जमीन तथा निर्माण से संबंधित अंतिम स्थिति सरकारी रिकॉर्ड और सक्षम अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
MCD के बिल्डिंग प्लान पर भी उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने PG के निर्माण से जुड़े MCD के बिल्डिंग प्लान को लेकर भी सवाल उठाए। AAP के मुताबिक, 230 वर्ग गज की जमीन पर भी पूरी जमीन में निर्माण की अनुमति नहीं थी। पार्टी का दावा है कि नियमों के तहत करीब 75 फीसदी हिस्से यानी लगभग 175 वर्ग गज में निर्माण की अनुमति थी।
AAP ने सवाल उठाया कि यदि स्वीकृत बिल्डिंग प्लान में निर्माण का क्षेत्र सीमित था, तो मौके पर मौजूद कथित बड़े निर्माण को किस आधार पर अनुमति मिली। पार्टी ने संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
सौरभ भारद्वाज पहले भी मांग चुके हैं दस्तावेज
सत्य निकेतन PG विवाद को लेकर सौरभ भारद्वाज पहले भी बीजेपी विधायक अनिल शर्मा से रजिस्ट्री, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और अन्य संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि केवल दस्तावेज दिखाने के बजाय उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जमीन के वास्तविक क्षेत्रफल और निर्माण की स्थिति की स्वतंत्र रूप से जांच हो सके।
AAP का कहना है कि जमीन के स्वामित्व, निर्माण की अनुमति और PG के संचालन से जुड़े सभी रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
2022 की शिकायतों का भी AAP ने किया जिक्र
AAP ने दावा किया है कि सत्य निकेतन में कथित अवैध निर्माण को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। पार्टी के अनुसार, वर्ष 2022 में स्थानीय लोगों और AAP से जुड़े प्रतिनिधियों ने MCD अधिकारियों तथा तत्कालीन उपराज्यपाल के समक्ष शिकायतें रखी थीं।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि उस समय शिकायतें की गई थीं, तो कथित निर्माण को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। AAP ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि पहले की शिकायतों पर अधिकारियों ने क्या कदम उठाए थे।
बीजेपी विधायक ने आरोपों को किया खारिज
इस विवाद में बीजेपी विधायक अनिल शर्मा की ओर से पहले AAP के आरोपों को खारिज किया गया था। उन्होंने जमीन और भवन से जुड़े दस्तावेज पेश करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीन के वास्तविक क्षेत्रफल, स्वामित्व और निर्माण की अनुमति से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
AAP ने मांग की है कि दिल्ली सरकार और MCD पूरे मामले की जांच करें। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में निर्माण नियमों का उल्लंघन या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण सामने आता है, तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
सत्य निकेतन का PG विवाद अब जमीन के क्षेत्रफल, स्वामित्व, निर्माण अनुमति और PG संचालन से जुड़े नियमों को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। AAP की ओर से जहां निर्माण और जमीन के क्षेत्रफल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं बीजेपी विधायक इन आरोपों को पहले खारिज कर चुके हैं।
फिलहाल, 230 वर्ग गज की रजिस्ट्री और करीब 600 वर्ग गज निर्माण से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और सक्षम अधिकारियों की जांच से ही स्पष्ट होगी। जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, तब तक दोनों पक्षों के दावों को आरोप और जवाब के रूप में ही देखा जाना चाहिए।