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हरियाणा में 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंडियों में किसानों की सुविधा, पारदर्शी तुलाई और सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली धान की सरकारी खरीद को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की मंडियों में खरीद व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि धान बेचने के लिए मंडियों में आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को राज्यभर की मंडियों में धान खरीद से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले मंडियों में किसानों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि फसल लेकर आने वाले किसानों को अनावश्यक इंतजार या किसी अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसमें मंडी में किसान के पहुंचने से लेकर फसल की बिक्री और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
गेट पास से भुगतान तक प्रक्रिया हो आसान
हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू हो रही धान की सरकारी खरीद को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य भर की मंडियों में… pic.twitter.com/vgH8xOlGI4
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 15, 2026
श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान के लिए गेट पास जारी होने से लेकर फसल की तुलाई और बिक्री के बाद सीधे बैंक खाते में भुगतान पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सरकारी खरीद की प्रक्रिया में अनावश्यक दिक्कत न हो और उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज की बिक्री और भुगतान से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके।
किसानों को मंडियों में न हो परेशानी
धान की सरकारी खरीद के दौरान मंडियों में बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मंडी स्तर पर व्यवस्थाओं का सुचारु होना महत्वपूर्ण माना जाता है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीद व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अव्यवस्था की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। फसल की तुलाई, खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और भुगतान की प्रक्रिया को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पारदर्शी खरीद व्यवस्था पर सरकार का फोकस
हरियाणा सरकार की ओर से धान खरीद सीजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर कृषि और किसान कल्याण से संबंधित सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।
बैठक में श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी खरीद की पूरी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी हो और भुगतान की प्रक्रिया भी पारदर्शी रहे। खासकर गेट पास, तुलाई और बैंक खाते में भुगतान जैसे महत्वपूर्ण चरणों में किसी तरह की अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।
समय पर पूरी हों सभी तैयारियां
धान खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में जरूरी तैयारियां पूरी करने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि खरीद सीजन के दौरान मंडियों में किसानों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध रहें।
श्याम सिंह राणा के मुताबिक, किसानों की उपज की खरीद से जुड़ी पूरी व्यवस्था सरल, पारदर्शी और किसान-केंद्रित होनी चाहिए। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली सरकारी धान खरीद को देखते हुए अब संबंधित विभागों और अधिकारियों के सामने मंडियों में सभी तैयारियां समय पर पूरी करने की जिम्मेदारी है।