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नोएडा स्थित Astrotalk $1 अरब की वैल्यूएशन के साथ भारत का नया Unicorn बन गया। कंपनी ने बिना नई फंडिंग के मुनाफे से ESOP Buyback पूरा किया।
नोएडा स्थित astrology और spiritual-tech platform Astrotalk ने भारत के यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री कर ली है। कंपनी ने 100 से अधिक कर्मचारियों के लिए Employee Stock Option Plan यानी ESOP Buyback पूरा किया, जिसके बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 9,500 करोड़ रुपये आंकी गई। खास बात यह है कि Astrotalk ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए इस लेनदेन के दौरान निवेशकों से कोई नई फंडिंग नहीं जुटाई। इसके बजाय कंपनी ने अपने कारोबार से अर्जित मुनाफे का इस्तेमाल कर्मचारियों को उनके vested stock options की liquidity देने के लिए किया। इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आज के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कई कंपनियां तेज विस्तार के लिए लगातार बाहरी निवेश पर निर्भर रहती हैं। Astrotalk ने इसके विपरीत अपने ऑपरेशनल बिजनेस से मुनाफा कमाकर कर्मचारियों को शेयरों की वैल्यू हासिल करने का मौका दिया है।
ESOP Buyback से मिली $1 अरब की वैल्यूएशन
Astrotalk के इस ESOP Buyback में 100 से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कंपनी ने इस कार्यक्रम की कुल वैल्यू का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस ट्रांजैक्शन के आधार पर Astrotalk की वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर तय हुई है। यह किसी भी स्टार्टअप के लिए बड़ा मुकाम होता है, क्योंकि यूनिकॉर्न का दर्जा उन निजी कंपनियों को मिलता है जिनकी वैल्यूएशन कम से कम 1 अरब डॉलर होती है। Astrotalk की ताजा वैल्यूएशन उसके पिछले फंडिंग राउंड की तुलना में कई गुना ज्यादा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जून 2024 में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,400 करोड़ रुपये थी। करीब दो साल के भीतर वैल्यूएशन में हुई यह तेज बढ़ोतरी कंपनी के बिजनेस विस्तार और मुनाफे की क्षमता को दर्शाती है।
मुनाफे से किया कर्मचारियों को Liquidity का इंतजाम
Astrotalk के को-फाउंडर और CEO पुनीत गुप्ता ने इस उपलब्धि को कंपनी के लिए खास बताते हुए कहा कि कंपनी ने पिछले वर्षों में profitable और sustainable business बनाने पर ध्यान दिया है। उनके मुताबिक, कंपनी अपने कारोबार से पैदा हुए मुनाफे के जरिए ESOP Buyback करने की स्थिति में पहुंची है, जिससे यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है। आमतौर पर स्टार्टअप्स में कर्मचारियों को ESOP के जरिए कंपनी में हिस्सेदारी दी जाती है, लेकिन इन शेयरों को वास्तविक रकम में बदलने के लिए अक्सर किसी नए निवेशक या liquidity event का इंतजार करना पड़ता है। Astrotalk के इस Buyback ने कर्मचारियों को अपनी vested हिस्सेदारी के एक हिस्से को बेचकर उसकी वास्तविक आर्थिक वैल्यू हासिल करने का अवसर दिया।
2017 में शुरू हुई थी Astrotalk की कहानी
Astrotalk की स्थापना 2017 में हुई थी। कंपनी ने शुरुआत ऑनलाइन astrology services के जरिए की थी, जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूजर्स को ज्योतिषियों से जोड़ने का काम किया गया। समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और astrology के अलावा spiritual और commerce से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाया। डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए Astrotalk ने यूजर्स और ज्योतिषियों के बीच कनेक्शन को आसान बनाया और इसी मॉडल को बड़े स्तर पर विकसित किया।
कंपनी का बिजनेस मॉडल धीरे-धीरे विकसित हुआ और इसके साथ यूजर बेस तथा राजस्व क्षमता में भी विस्तार हुआ। Astrotalk की ताजा यूनिकॉर्न वैल्यूएशन इस बात का संकेत है कि कंपनी ने अपने शुरुआती डिजिटल astrology मॉडल से आगे बढ़कर एक व्यापक spiritual-tech platform के रूप में अपनी जगह बनाने की कोशिश की है।
किस-किस निवेशक ने लगाया है पैसा?
Astrotalk ने भले ही इस ताजा ESOP Buyback के लिए बाहरी पूंजी नहीं जुटाई हो, लेकिन कंपनी को पहले कई बड़े निवेशकों का समर्थन मिल चुका है। इनमें Left Lane Capital और Elev8 Venture Partners जैसे नाम शामिल हैं। Left Lane Capital ने फरवरी 2024 में Astrotalk में 20 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके बाद जून 2024 में निवेशक ने कंपनी में 14 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त पूंजी लगाई थी।
पिछली फंडिंग के मुकाबले मौजूदा 1 अरब डॉलर की वैल्यूएशन कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण छलांग है। खासतौर पर यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि ताजा वैल्यूएशन किसी नए फंडिंग राउंड के बजाय ESOP liquidity event के माध्यम से सामने आई है।
कर्मचारियों के लिए क्यों खास है ESOP Buyback?
ESOP Buyback कर्मचारियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे उन्हें कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचकर वास्तविक रकम प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किसी स्टार्टअप में कर्मचारी कई वर्षों तक ESOP हासिल कर सकते हैं, लेकिन जब तक liquidity event नहीं होता, तब तक उन शेयरों की वैल्यू कागज पर ही रहती है। Astrotalk के इस कार्यक्रम ने 100 से अधिक कर्मचारियों को अपनी vested हिस्सेदारी के मूल्य को साकार करने का मौका दिया।
कंपनी के को-फाउंडर अनमोल जैन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान को पुरस्कृत करना और कंपनी में ownership culture को मजबूत करना है। इससे कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में अपनी हिस्सेदारी का प्रत्यक्ष लाभ मिलता है और लंबे समय तक कंपनी के साथ जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन भी बढ़ सकता है।
अब ग्लोबल विस्तार पर कंपनी की नजर
यूनिकॉर्न बनने के बाद Astrotalk की अगली प्राथमिकताओं में वैश्विक विस्तार, टेक्नोलॉजी में निवेश और बेहतर टैलेंट को जोड़ना शामिल है। कंपनी spiritual-tech market में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भारत से बाहर अपने कारोबार का विस्तार करना Astrotalk के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए astrology और spiritual services को दूसरे बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।