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सावन 2026 में उज्जैन महाकाल मंदिर के दर्शन और भस्म आरती के समय में बदलाव किया गया है। जानें मंदिर खुलने का समय, भस्म आरती टाइम और ऑनलाइन बुकिंग नियम।
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। देशभर के शिव मंदिरों में इस दौरान भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन के दौरान आस्था का अलग ही नजारा देखने को मिलता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल महाकालेश्वर मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और सावन के महीने में यह संख्या और बढ़ जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन, पूजन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से सावन के दौरान दर्शन और भस्म आरती के समय में विशेष बदलाव किए जाते हैं। इस साल भी श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर के कपाट खुलने और भस्म आरती के समय में बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक लागू रहने की जानकारी दी गई है।
सावन में सुबह 3 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के कपाट
सामान्य दिनों में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन की व्यवस्था अलग रहती है, लेकिन सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर को पहले खोलने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान मंदिर के कपाट सुबह 3 बजे खोले जाएंगे, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के दर्शन का अवसर मिल सके। सावन सोमवार के दिन भक्तों की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए सोमवार को मंदिर के कपाट और भी पहले, यानी सुबह 2:30 बजे खोले जाएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करना और अधिक से अधिक भक्तों को दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।
सावन में भस्म आरती का समय भी बदला
महाकालेश्वर मंदिर की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में भस्म आरती का विशेष स्थान है। भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में भस्म आरती सुबह 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित होती है, लेकिन सावन के दौरान इसके समय में बदलाव किया गया है। सावन के पूरे महीने में भस्म आरती सुबह 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
वहीं सावन सोमवार के दिन भस्म आरती का समय और पहले रखा गया है। सोमवार को श्रद्धालु सुबह 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होने वाली भस्म आरती में शामिल हो सकेंगे। सावन सोमवार को महाकाल मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण समय में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भस्म आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन बुकिंग जरूरी
अगर आप सावन के दौरान महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में शामिल होने की योजना बना रहे हैं तो बुकिंग से जुड़े नियमों को पहले से जानना जरूरी है। भस्म आरती में प्रवेश के लिए ऑनलाइन एडवांस बुकिंग अनिवार्य है। बिना वैध ऑनलाइन बुकिंग के श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
मंदिर समिति ने भस्म आरती के लिए पहले इस्तेमाल होने वाली ऑफलाइन परमिट व्यवस्था को बंद कर दिया है। अब श्रद्धालुओं को आरती में शामिल होने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसलिए उज्जैन जाने से पहले भस्म आरती की उपलब्धता और बुकिंग की स्थिति जरूर जांच लें।
कितनी है भस्म आरती की बुकिंग फीस?
दी गई जानकारी के अनुसार, महाकाल मंदिर में भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग के लिए 200 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित है। श्रद्धालुओं को बुकिंग करते समय आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी चाहिए। इसके अलावा एक मोबाइल नंबर से तीन महीने की अवधि में केवल एक बार भस्म आरती की बुकिंग किए जाने का नियम बताया गया है। इसलिए यदि आप सावन के दौरान आरती में शामिल होना चाहते हैं तो अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाना बेहतर रहेगा।
आधिकारिक वेबसाइट से करें बुकिंग
भस्म आरती की बुकिंग के लिए श्रद्धालुओं को श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। ऑनलाइन बुकिंग करते समय किसी अनधिकृत वेबसाइट या एजेंट पर निर्भर रहने से बचना जरूरी है। बुकिंग पूरी करने के बाद प्राप्त कन्फर्मेशन और जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें, क्योंकि मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान इनकी जरूरत पड़ सकती है।
सावन में महाकाल दर्शन के लिए बनाएं पहले से प्लान
सावन के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रहती है। खासतौर पर सावन सोमवार, नाग पंचमी और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर महाकाल मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मंदिर के दर्शन समय, भस्म आरती की बुकिंग और प्रवेश से जुड़े मौजूदा नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
सावन में भगवान महाकाल के दर्शन करना भक्तों के लिए बेहद विशेष आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। अगर आप भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो ऑनलाइन बुकिंग पहले से कराना सबसे महत्वपूर्ण है। मंदिर के समय में बदलाव के कारण सुबह जल्दी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी अपनी यात्रा और ठहरने की योजना उसी अनुसार बनानी चाहिए। इस सावन उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती का अनुभव करने वाले भक्तों के लिए यह व्यवस्था सुविधाजनक साबित हो सकती है।