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आम आदमी पार्टी ने MCD मुख्यालय पर 500 करोड़ रुपये के टोल टेंडर घोटाले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। AAP नेता प्रवीण कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के टोल टैक्स और एनवायरनमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) टेंडर को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एमसीडी मुख्यालय (सिविक सेंटर) के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आप नेता प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि टोल टेंडर प्रक्रिया में लगभग 500 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऊंचे दामों की बोलियों को दरकिनार किया गया।
आप नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जनता के पैसों की लूट के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
ऊंची बोलियों को जानबूझकर खारिज करने का आरोप
MCD मुख्यालय में AAP ने भाजपा शासित MCD में ₹500 करोड़ के टोल टेंडर घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जनता के पैसे की लूट पर जवाबदेही तय होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।@Aap_Praveen pic.twitter.com/nxNL4EbdYt
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 27, 2026
आप के एमसीडी सह-संयोजक और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य प्रवीण कुमार ने टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता का दावा किया। उन्होंने बताया कि ईसीसी (ECC) कॉन्ट्रैक्ट के लिए कुल सात बोलियां आई थीं, जिनमें सबसे ऊंची बोली 1,100 करोड़ रुपये की थी।
प्रवीण कुमार के अनुसार:
- एमसीडी को 1,100 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता था, लेकिन सबसे ऊंची 4 बोलियों को जानबूझकर खारिज कर दिया गया।
- केवल 936 करोड़ रुपये या उससे कम की बोलियों पर विचार किया गया, ताकि चुनिंदा प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके।
- इस फैसले से निगम के खजाने को सीधे तौर पर करीब 500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रवीण कुमार का बयान: “MCD मुख्यालय पर हमारा यह प्रदर्शन जनता की गाढ़ी कमाई की लूट के खिलाफ है। 500 करोड़ रुपये के इस टोल टेंडर घोटाले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जब तक इस लूट के लिए जवाबदेही तय नहीं होती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
स्टैंडिंग कमेटी और प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का दावा
विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि इतने बड़े राजस्व फैसले को नियमों के तहत स्टैंडिंग कमेटी (स्थायी समिति) के सामने लाया जाना अनिवार्य था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्रक्रियागत पारदर्शिता को ताक पर रखकर लिए गए इस फैसले ने पूरी टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आप नेताओं का कहना है कि नगर निगम की आय में कमी आने का सीधा असर दिल्ली की जनता पर पड़ता है, क्योंकि शहर के विकास और सार्वजनिक सेवाओं के लिए यही राजस्व इस्तेमाल होता है।
AAP की मुख्य मांगें
सिविक सेंटर के बाहर हुए प्रदर्शन में पार्टी ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाईं:
- निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच: टोल और ईसीसी टेंडर की पूरी प्रक्रिया और सभी दस्तावेजों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- टेंडर रद्द हो: विवादित टेंडर को तुरंत निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी खुली बोली (Open Bidding) आयोजित की जाए।
- सख्त कानूनी कार्रवाई: जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो पार्टी इस लड़ाई को और व्यापक रूप देकर जनता के बीच ले जाएगी।