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NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस न दर्ज करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने पर सकारात्मक रुख अपनाया है। पीएम मोदी के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म किया।
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उठा जन आक्रोश अब एक बड़े नीतिगत और सुधारात्मक मोड़ पर पहुँच गया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और हाल ही में 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल हुए अभ्यर्थियों के प्रति बेहद सकारात्मक और मानवीय रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अपना हक माँग रहे युवाओं और छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का पुलिस केस दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, संसद में परीक्षा प्रणाली की धांधली और शैक्षिक सुधारों पर विस्तृत व पारदर्शी चर्चा कराने का पूर्ण आश्वासन दिया गया है।
खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने पर विचार
पेपर लीक की दुखद घटनाओं और अनिश्चित भविष्य के मानसिक दबाव में आकर जिन होनहार विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा अत्यंत खौफनाक कदम उठाया, उनके परिवारों के प्रति सरकार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। केंद्र सरकार अब NEET पेपर लीक के कारण जान गँवाने वाले विद्यार्थियों के पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा और संबल देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार का यह कदम उन शोकाकुल परिवारों को राहत पहुँचाने की दिशा में एक संवेदनशील प्रयास माना जा रहा है, जिन्होंने व्यवस्था की नाकामी के कारण अपने बच्चों को खो दिया।
पीएम मोदी का आधी रात को वीडियो मैसेज: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभालते हुए देश के करोड़ों विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया है। पीएम मोदी ने आधी रात को एक विशेष वीडियो मैसेज जारी कर देश भर के युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके भविष्य और कड़ी मेहनत के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
“पेपर लीक की समस्या को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। छात्रों का एक भी साल खराब न हो और उनके साथ अन्याय न हो, इसके लिए एक समर्पित और बेहद सख्त कानून बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।”
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (वीडियो संदेश में)
केवल पेपर लीक के लिए बनेगा विशेष एवं कठोर कानून
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि सरकार एक ऐसे ऐतिहासिक और विशिष्ट कानून का मसौदा तैयार कर चुकी है, जो विशेष रूप से पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए समर्पित होगा।
- कैबिनेट की मंजूरी: इस कड़े कानून के मसौदे (Draft) को कैबिनेट की बैठक में चर्चा और स्वीकृति के लिए रखा जा रहा है।
- संसद में पेशी: कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इसे अगले ही हफ्ते संसद के पटल पर रखा जाएगा और जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास होगा।
- सख्त सजा का प्रावधान: नए कानून में पेपर लीक में शामिल माफिया, कोचिंग सेंटरों और संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं, भारी जुर्माने और त्वरित कानूनी कार्रवाई के बेहद सख्त प्रावधान शामिल हैं।
सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल: जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ा अनशन
प्रधानमंत्री के इस ठोस आश्वासन और केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख का बड़ा असर देखने को मिला है। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक, जो 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, उन्होंने अंततः अपना अनशन समाप्त कर दिया है। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की गरिमामयी मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने जूस पीकर अपनी हड़ताल खत्म की। केंद्र सरकार ने वांगचुक को औपचारिक रूप से आश्वस्त किया है कि:
- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र या नागरिक पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों को लेकर सोनम वांगचुक द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों पर सरकार पूरी गंभीरता से विचार करेगी।
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NEET पेपर लीक मामले में सरकार की इस त्वरित पहल, छात्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैये और संसद में पेश होने वाले नए कानून से युवाओं के बीच फिर से विश्वास का माहौल बन रहा है। वांगचुक का अनशन खत्म होना और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को केस से राहत मिलना इस बात का प्रमाण है कि संवाद और संवेदनशीलता से बड़े से बड़े संकट का हल निकाला जा सकता है।