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सोमवार, 22 जून के लिए निफ्टी का अनुमान। क्या बाजार 24,200 की बाधा को पार कर पाएगा? जानें सपोर्ट, रेजिस्टेंस लेवल और ट्रेडिंग रणनीति।
भारतीय शेयर बाजारों ने पिछले सप्ताह के दौरान जबरदस्त मजबूती का प्रदर्शन किया है। निफ्टी ने सप्ताह के अंत में लगभग 1.7% की बढ़त दर्ज की और मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 24,000 के स्तर को पार कर लिया। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की वापसी और मजबूत रुपये ने बेंचमार्क सूचकांकों को लगातार दूसरे सप्ताह तेजी की ओर धकेला है। सोमवार, 22 जून को बाजार के खुलने के साथ निवेशकों की नजरें इसी सकारात्मकता को बनाए रखने पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी निकट भविष्य में 24,200 के स्तर का परीक्षण कर सकता है, हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफാവसूली (profit-booking) की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
बाजार को गति देने वाले मुख्य कारक
निवेशकों का आत्मविश्वास मुख्य रूप से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के सामान्य होने की उम्मीदों से बढ़ा है। सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गईं, जिसने भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहत दी है। इसके अतिरिक्त, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी अपनी बिकवाली के लंबे दौर को रोकते हुए शुद्ध खरीदार के रूप में वापसी की है। अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने सप्ताह के दौरान लगभग 3,386 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 7,100 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी के साथ बाजार को मजबूती प्रदान की।
आगामी सत्रों में बाजार अमेरिकी-ईरान शांति ढांचे से जुड़ी खबरों, कच्चे तेल के दाम, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, मुद्रा की चाल और संस्थागत निवेश के प्रवाह पर कड़ी नजर रखेगा।
निफ्टी का आउटलुक: महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य अनुसंधान अधिकारी, रवि सिंह के अनुसार, बाजार का तकनीकी ढांचा मजबूती से ‘बुलिश’ (तेजी के रुख में) बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी ने 21-दिवसीय और 55-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर मजबूती से क्लोजिंग दी है। दैनिक चार्ट पर ‘फॉलिंग वेज’ पैटर्न का ब्रेकआउट यह संकेत देता है कि तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि 23,700-23,800 का स्तर तत्काल ‘सपोर्ट’ (सहारा) का काम करेगा, जबकि 24,200 का स्तर एक कड़ी बाधा यानी ‘रेजिस्टेंस’ के रूप में खड़ा है। यदि निफ्टी 24,200 के स्तर को पार करके टिका रहता है, तो यह इंडेक्स को 24,500 की ओर ले जा सकता है। निवेशकों के लिए ‘बाय-ऑन-डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाना अभी भी सबसे उचित माना जा रहा है।
क्या 24,200 का स्तर एक बड़ी चुनौती है?
एनरिच मनी के सीईओ, पोनमुदी आर का मानना है कि 24,100-24,200 का दायरा बेंचमार्क इंडेक्स के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा है। उनका कहना है कि सूचकांक में हालिया रिकवरी एक रचनात्मक तकनीकी ढांचे को दर्शाती है, लेकिन इस विशेष रेंज के ऊपर निरंतर बने रहना जरूरी है। यदि निफ्टी इस बाधा को पार करता है, तो यह 24,400 के नए लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
निचले स्तरों पर, 23,900 का सपोर्ट स्तर बहुत महत्वपूर्ण है। बाजार की व्यापक रिकवरी की संरचना को बनाए रखने के लिए इस स्तर से ऊपर टिके रहना निफ्टी के लिए अनिवार्य होगा।
FII का निवेश और भविष्य की संभावनाएं
बजाज ब्रोकिंग के उप-उपाध्यक्ष (अनुसंधान), पवित्र मुखर्जी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार में जान फूँक दी है। शांति की उम्मीद और अनुकूल वैश्विक संकेतों ने खरीदारी के प्रति रुचि बढ़ाई है। समग्र बाजार का ढांचा अब सकारात्मक है क्योंकि निफ्टी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है।
सोमवार के सत्र के लिए, विश्लेषकों को उम्मीद है कि 23,800-23,900 का जोन मजबूत सपोर्ट की तरह कार्य करेगा। जब तक सूचकांक 24,000 के ऊपर बना हुआ है, तब तक तेजी का सकारात्मक रुख बने रहने की पूरी संभावना है। संक्षेप में कहें तो, कम कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी बाजार को एक नया बल दे रहे हैं। जो निवेशक बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह सावधानी के साथ गिरावट पर खरीदारी का अवसर है। आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों और बड़े निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी।