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श्रीनगर की पोखरीबल झील में तैरते प्लेटफार्मों पर किया गया अनोखा योग सत्र। जानें कैसे ‘फ्लोटिंग योगा’ कश्मीर को वेलनेस टूरिज्म का नया केंद्र बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में श्रीनगर की डल झील के जल निकासी मार्ग, पोखरीबल में एक बेहद अनूठा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। यहाँ जल क्रीड़ा के उत्साही लोगों के एक समूह ने पानी पर तैरते हुए प्लेटफार्मों पर योग का अभ्यास किया। सुबह की ताजी हवा, शांत जल, चारों ओर फैली हरियाली और पृष्ठभूमि में हिमालय के पहाड़ों का दृश्य किसी भी दर्शक के लिए सम्मोहक था। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध जल क्रीड़ा प्रशिक्षक बिलकिस मीर के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जहाँ उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
जल योग: संतुलन और एकाग्रता की नई परीक्षा
पोखरीबल झील में आयोजित इस फ्लोटिंग योगा सत्र का मुख्य उद्देश्य न केवल योग को बढ़ावा देना था, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाना और झील संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। योग प्रशिक्षकों का मानना है कि प्रकृति की गोद में किया गया योग अधिक गहरा प्रभाव डालता है। शांत वातावरण मन को स्थिर करता है और पानी की लहरों की मंद गति एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।
प्रतिभागियों के लिए यह अनुभव चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद फलदायी रहा। पानी पर तैरते अस्थिर प्लेटफार्म पर खड़े होकर संतुलन बनाना कोई आसान काम नहीं था। इसके लिए शरीर पर नियंत्रण और मानसिक एकाग्रता दोनों की आवश्यकता थी। प्रतिभागियों ने बताया कि शुरुआत में यह कठिन लगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में शरीर और मन में एक अद्भुत तालमेल बैठ गया। उनके अनुसार, यह अनुभव सामान्य योगासनों से कहीं अधिक प्रभावी था, जिसने तनाव कम करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाई।
कश्मीर को ‘वेलनेस टूरिज्म’ हब के रूप में पहचान
#WATCH | Srinagar, Jammu & Kashmir: Speaking ahead of International Yoga Day, water sports athlete, coach, and international referee Bilquis Mir says, “The floating yoga session held today at Pokhribal Lake—a first for us—aimed to convey that yoga isn’t limited to gardens or… https://t.co/m0SAe5h2sW pic.twitter.com/gfFVH37Tf9
— ANI (@ANI) June 19, 2026
बिलकिस मीर ने इस पहल के बारे में कहा कि योग और जल, दोनों ही संतुलन, शांति और सद्भाव के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर दिया कि फिटनेस केवल जिम तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के सानिध्य में स्वास्थ्य को और भी बेहतर बनाया जा सकता है। यह आयोजन इस संदेश को मजबूती देता है कि कश्मीर की झीलों को केवल पर्यटन स्थलों के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘फ्लोटिंग योगा’ जैसी गतिविधियां कश्मीर को ‘वेलनेस टूरिज्म’ (स्वास्थ्य पर्यटन) के एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती हैं। साहसिक पर्यटन, ट्रेकिंग और स्कीइंग के लिए पहले से ही मशहूर कश्मीर अब योग और शांति चाहने वाले पर्यटकों के लिए एक नया गंतव्य बन सकता है। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण की भावना भी मजबूत होगी।
आधुनिक जीवनशैली और योग की आवश्यकता
आज के तनावपूर्ण युग में, जहाँ आधुनिक जीवनशैली के कारण मानसिक स्वास्थ्य, चिंता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, योग एक अपरिहार्य उपकरण बन गया है। इस अनोखे सत्र की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि प्रकृति के साथ जुड़कर योग करने के विचार को लोग तेजी से अपना रहे हैं। प्रतिभागियों ने योग सत्र के बाद स्वयं को अधिक ऊर्जावान और तरोताजा महसूस किया। उन्होंने इसे एक ‘आध्यात्मिक अनुभव’ करार दिया, जो लंबे समय तक उनके मानस पटल पर अंकित रहेगा।
भविष्य की एक नई दिशा
स्थानीय निवासियों ने भी इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम न केवल कश्मीर की एक सकारात्मक छवि दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा, बल्कि युवाओं के बीच स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर एक नई जागरूकता पैदा करेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि ‘फ्लोटिंग योगा’ भविष्य में एक नियमित गतिविधि बन जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो यह स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।
पोखरीबल झील में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक योग सत्र से कहीं अधिक था। इसने यह संदेश दिया कि योग, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संगम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। कश्मीर की शांत घाटियों में किया गया यह अनोखा प्रयोग आने वाले वर्षों में एक नई प्रवृत्ति बन सकता है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखेगा बल्कि आत्मा को भी शांति प्रदान करेगा।