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हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच में मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया। जानिए मैच की ताजा अपडेट और कप्तान का बयान।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रविवार, 14 जून को एजबेस्टन के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। हरमनप्रीत अब आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। मैच से पहले वह मिताली राज के 726 रनों के आंकड़े की बराबरी पर थीं, लेकिन मैच की अपनी पहली ही गेंद पर रन लेते ही उन्होंने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक मील का पत्थर है।
शुरुआती झटकों से लड़खड़ाई भारतीय टीम
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने वाली भारतीय टीम की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही। भारतीय पारी लड़खड़ा गई क्योंकि टीम ने शुरुआती 20 गेंदों के भीतर ही अपने दो मुख्य बल्लेबाज खो दिए। सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा केवल 6 रन ही बना सकीं। उन्होंने लेग स्पिनर सादिया इकबाल को एक शानदार छक्का तो लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर वे सादिया की सटीक लाइन और लेंथ में फंस गईं। गेंद स्टंप्स की ओर आती हुई उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर मुनीबा अली के दस्तानों में चली गई।
जेमिमा रोड्रिग्स की पारी भी संघर्षपूर्ण रही और वे महज 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। बाएं हाथ की तेज गेंदबाज तस्मिया रुबाब की गेंद पर एक ऊंचा शॉट लगाने के चक्कर में जेमिमा टाइमिंग से चूक गईं और नतालिया परवेज ने उन्हें कैच कर लिया। ऐसे नाजुक समय में नंबर चार पर उतरीं हरमनप्रीत कौर पर पूरी जिम्मेदारी आ गई।
कप्तान हरमनप्रीत की रणनीति और भरोसा
टॉस जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया था कि एजबेस्टन की पिच बल्लेबाजी के लिए बेहद अनुकूल है, इसलिए टीम का लक्ष्य पहले बल्लेबाजी करके एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करना था। कप्तान ने कहा, “हम सभी बहुत उत्साहित हैं। पिछले वर्ल्ड कप के प्रदर्शन ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है, और हम उसी निरंतरता को इस विश्व कप में भी आगे ले जाना चाहते हैं।”
उन्होंने टीम की तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि भारतीय टीम ने अपनी कमियों को दूर करने के लिए काफी काम किया है। इस मैच के लिए टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते हुए भारती को शामिल किया गया। हरमनप्रीत ने बताया कि टीम संतुलन बनाए रखने के लिए तीन स्पिनरों और दो मीडियम पेसर्स के साथ उतरी है। यह निर्णय पिच की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
विश्व क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का बढ़ता रुतबा
हरमनप्रीत कौर का यह कीर्तिमान भारतीय महिला क्रिकेट की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। एक समय था जब मिताली राज जैसे दिग्गजों ने भारतीय टीम की नींव रखी थी, और अब हरमनप्रीत जैसी आक्रामक कप्तान उसी विरासत को आगे ले जा रही हैं। पाकिस्तान के खिलाफ दबाव वाले मैच में इस तरह की रिकॉर्ड-तोड़ पारी खेलना उनकी मानसिक मजबूती को साबित करता है।
इस मैच में जीत के साथ ही भारतीय टीम न केवल दो अंक हासिल करने की कोशिश में है, बल्कि वर्ल्ड कप के आगे के मैचों के लिए अपना मनोबल भी मजबूत कर रही है। खेल जानकारों का मानना है कि हरमनप्रीत का यह फॉर्म भारत की खिताबी दौड़ के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। अब पूरी टीम की नजरें न केवल एक अच्छे स्कोर को बोर्ड पर लगाने पर हैं, बल्कि गेंदबाजी में भी अपनी योजना को लागू करने पर हैं ताकि पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सके।
एजबेस्टन का यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए कई मायनों में यादगार रहेगा। जहां एक ओर हरमनप्रीत ने व्यक्तिगत गौरव हासिल किया है, वहीं दूसरी ओर पूरी टीम ने यह दिखाया है कि वे किसी भी स्थिति से उबरने का माद्दा रखती हैं। टी20 फॉर्मेट में हरमनप्रीत का अनुभव और उनकी कप्तानी टीम इंडिया को विश्व कप में एक प्रबल दावेदार बनाती है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि कप्तान कौर की यह लय पूरे टूर्नामेंट के दौरान बनी रहेगी और टीम इंडिया इस बार विश्व विजेता बनकर लौटेगी।