भारत-श्रीलंका गाले टेस्ट के पांचवें दिन यशस्वी जायसवाल की माइंड गेम्स चर्चा में रही। जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट किया, इसके बाद डिकवेला भी सस्ते में पवेलियन लौटे।
भारत और श्रीलंका के बीच गाले में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें दिन, यशस्वी जायसवाल ने बल्ले से नहीं बल्कि अपनी बातचीत और मैदान पर उपस्थिति से विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाजों की आक्रामक और ऊर्जावान शैली अक्सर चर्चा में रहती है जब वे बल्लेबाजी नहीं कर रहे हैं। जायसवाल ने पांचवें दिन भी श्रीलंकाई बल्लेबाजों का ध्यान भंग करने का प्रयास किया। भारत ने इस दौरान लगातार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और टीम टेस्ट में बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिखाई दी।
श्रीलंका को 288 रनों का लक्ष्य
श्रीलंका की टीम को पांचवें दिन जीत के लिए 288 रन चाहिए थे, जबकि उसके हाथ में छह विकेट बाकी थे। चौथे दिन के अंत तक पारी को कप्तान धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुषा ने संभाल रखा। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करके श्रीलंका की उम्मीदों को जीवित रखा। दोनों ने सुबह के सत्र में धैर्य से बल्लेबाजी की। दोनों ने 95 रनों की साझेदारी की, जो भारतीय टीम को चिंतित करती थी।
जडेजा ने भारत को पहली बड़ी जीत दिलाई
श्रीलंका के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने इस मजबूत साझेदारी को तोड़ा। भारत ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की जब जडेजा ने कप्तान धनंजय डी सिल्वा को 59 रन पर आउट किया। डी सिल्वा, जो अपनी टीम की पारी को संभाल रहे थे, का विकेट गिरना श्रीलंका के लिए बड़ा झटका था। इस विकेट के बाद भारत को उम्मीद थी कि वह श्रीलंका के निचले क्रम पर जल्दी दबाव डालकर मैच को अपने पक्ष में खत्म करेगा।
यशस्वी ने आक्रामक व्यवहार अपनाया
धनंजय डी सिल्वा के आउट होने के बाद श्रीलंकाई विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला मैदान पर आए। यशस्वी जायसवाल की मैदान पर उपस्थिति और उनकी बातचीत ने इस समय काफी ध्यान खींचा। रिपोर्ट के अनुसार, जायसवाल लगातार विपक्षी बल्लेबाजों को विचलित करने का प्रयास कर रहे थे। यह क्रिकेट में माइंड गेम्स में शामिल है, जहां खिलाड़ी विपक्षी बल्लेबाज को मानसिक रूप से परेशान करने या उसकी लय तोड़ने का प्रयास करता है। जायसवाल की ऊर्जा और निरंतरता ने इस मुकाबले में भारतीय टीम की आक्रामक रणनीति को भी दिखाया।
डिकवेला बहुत देर नहीं टिक सका।
भारत भी इसका फायदा जल्द ही उठाया। श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ गईं जब अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला सस्ते में आउट हो गए। डिकवेला ने अपनी टीम को मुसीबत में डाल दिया, हालांकि श्रीलंका को उसके अनुभव से बड़ी उम्मीदें थीं। भारत के लिए उनका विकेट महत्वपूर्ण था क्योंकि श्रीलंका को पांचवें दिन लंबी बल्लेबाजी करनी थी और जीत के लिए बहुत रन बाकी थे।
भारतीय गेंदबाजों ने अधिक दबाव डाला
भारतीय गेंदबाज श्रीलंका के खिलाफ पांचवें दिन लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। शुरुआत में धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुषा ने मिलकर भारतीय आक्रमण को रोका, लेकिन जडेजा की सफलता से मुकाबला बदल गया। भारत के गेंदबाजों ने फील्डिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया और हर रन और विकेट के लिए दबाव बनाए रखा। श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए सबसे कठिन काम था विकेट बचाना और पर्याप्त रन जुटाना।
भारत जीत के करीब
भारत का लक्ष्य पहले टेस्ट के पांचवें दिन श्रीलंका की पूरी टीम को बाहर करके खेल जीतना था। मेहमान टीम ने 288 रनों का लक्ष्य हासिल किया और छह विकेट बचे थे। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत में कड़ी लड़ाई लड़ी, लेकिन लगातार विकेट गिरने से उसकी स्थिति कमजोर होती गई। धनंजय डी सिल्वा और निरोशन डिकवेला के आउट होने के बाद श्रीलंका पर दबाव बढ़ा। भारत की गेंदबाजी और फील्डिंग ने मैच को धीरे-धीरे अपनाया।
जायसवाल की भूमिका पर बहस
यशस्वी जायसवाल की मैदान पर मौजूदगी और उनका आक्रामक रवैया फिर से चर्चा में रहे। बल्लेबाजों को लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखना टेस्ट क्रिकेट में जरूरी होता है, लेकिन विपक्षी खिलाड़ी आपके दिमाग पर दबाव डालने के लिए कई रणनीतियां अपनाते हैं। जायसवाल का व्यवहार भी इसी रणनीति में शामिल था। बल्लेबाजों के आउट होने का सीधा कारण मैदान पर हुई बातचीत नहीं हो सकता, लेकिन क्रिकेट खेलते समय एकाग्रता और मानसिक दबाव महत्वपूर्ण हैं।
भारत की नजर श्रृंखला में सुधार
भारत ने पहले टेस्ट के अंतिम दिन बड़ी जीत हासिल करके दो मैचों की सीरीज में बढ़त हासिल की। भारतीय गेंदबाज जीत के लिए आवश्यक विकेट लेने पर ध्यान देते हुए श्रीलंका के सामने चुनौती लगातार कठिन होती गई। श्रीलंका को कुछ समय के लिए मुकाबले में बनाए रखने में धनंजय डी सिल्वा की 59 रन की पारी और सोनल दिनुषा के साथ उनकी 95 रन की साझेदारी ने मदद की, लेकिन जडेजा की सफलता के बाद भारत ने वापसी की। डिकवेला का जल्दी आउट होना भी श्रीलंका को बहुत बुरा लगा। अब मैच का अंतिम परिणाम यह था कि श्रीलंकाई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का दबाव कितनी देर तक सह सकते हैं।
गाले टेस्ट में उत्साह जारी है
गाले में खेले गए टेस्ट का पांचवां दिन काफी रोमांचक था। भारत लगातार विकेट लेकर मुकाबले को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा था, जबकि श्रीलंका जीत बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। दिन के प्रारंभिक भाग में प्रमुख घटनाओं में यशस्वी जायसवाल की माइंड गेम्स, जडेजा का महत्वपूर्ण विकेट और डिकवेला का सस्ता आउट था। अब श्रीलंका के लिए लक्ष्य तक पहुंचना या मैच बचाना बड़ी चुनौती बन चुका था, इसलिए भारतीय टीम मैच को जल्दी खत्म करके सीरीज में बढ़त हासिल करना चाहेगी।