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22 जुलाई 2026 को बंधन बैंक का शेयर 15.2% टूटकर ₹177.8 पर आ गया। Q1FY27 नतीजों के बाद बैंक प्रबंधन द्वारा वित्तीय वर्ष के लिए RoA टारगेट घटाने और NIM पर दबाव की चेतावनी से शेयर में भारी बिकवाली हुई।
22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में बैंकिंग शेयरों में मची खलबली के बीच निजी क्षेत्र के दिग्गज बंधन बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शुरुआती कारोबार के दौरान बंधन बैंक का शेयर पंद्रह दशमलव दो प्रतिशत की जोरदार गिरावट के साथ एक सौ सतहत्तर दशमलव आठ रुपये के स्तर पर आ गया।
कारोबार के दौरान शेयर अपने निचले स्तर एक सौ सतहत्तर दशमलव दो रुपये तक फिसला। इस गिरावट के साथ शेयर का इस साल का कुल रिटर्न नकारात्मक हो गया है, हालांकि पिछले छह महीनों के आधार पर शेयर अब भी लगभग सताइस प्रतिशत से अधिक बढ़त पर है। बाजार में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण बैंक प्रबंधन द्वारा पहली तिमाही के नतीजों के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में चालू वित्त वर्ष के लिए अपने लाभप्रदता अनुमानों में की गई कटौती और आगामी दो तिमाहियों तक मार्जिन पर दबाव रहने की चेतावनी रही।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घटाया RoA टारगेट
बैंक प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही के लिए अपने एग्जिट रिटर्न ऑन एसेट्स यानी आरओए गाइडेंस को घटा दिया है। बैंक ने इसे पहले के एक दशमलव छह से एक दशमलव आठ प्रतिशत के अनुमान से घटाकर अब एक दशमलव दो से एक दशमलव चार प्रतिशत कर दिया है।
प्रबंधन का कहना है कि नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर लगातार बना दबाव और ऊंचे परिचालन खर्च इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा फंड की ऊंची लागत और बैंकों के बीच डिपॉजिट जुटाने की कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण अगली दो तिमाहियों तक बैंक के मार्जिन पर दबाव बने रहने की आशंका जताई गई है।
ऑपरेटिंग खर्च बढ़ने और तकनीक में निवेश का असर
इक्किरस सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि बंधन बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन पहली तिमाही में छह दशमलव दो प्रतिशत पर स्थिर रहा, लेकिन जमा दरों में तेजी और फंड की ऊंची लागत आगे मार्जिन को प्रभावित करेगी।
बैंक के अनुसार, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड टेक्नोलॉजी, नए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और लोन प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर निवेश के कारण उसके परिचालन खर्च में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, बैंक का मानना है कि इन आईटी सुधारों का फायदा मध्यम अवधि में परिचालन दक्षता के रूप में देखने को मिलेगा।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए चौदह प्रतिशत के आसपास क्रेडिट ग्रोथ का अपना लक्ष्य बरकरार रखा है। बैंक अब गैर-ईईबी पोर्टफोलियो और सुरक्षित लोन की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
पहली तिमाही में 35% बढ़ा शुद्ध लाभ, एसेट क्वालिटी में सुधार
अगर 21 जुलाई को घोषित पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की बात करें, तो बंधन बैंक ने मुनाफे के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया था। जून दो हजार छब्बीस को समाप्त हुई पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर पैंतीस प्रतिशत बढ़कर पांच सौ दो करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में तीन सौ बहत्तर करोड़ रुपये था।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी एनआईआई पांच दशमलव नौ प्रतिशत बढ़कर दो हजार नौ सौ इक्कीस करोड़ रुपये हो गई। बैंक का ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर सोलह दशमलव चार प्रतिशत बढ़कर एक लाख पचपन हजार पांच सौ पचपन करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसमें रिटेल और होलसेल बैंकिंग सेगमेंट ने मजबूत बढ़त दर्ज की।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी क्रमिक सुधार देखने को मिला। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के तीन दशमलव तीन प्रतिशत से घटकर तीन दशमलव एक प्रतिशत और नेट एनपीए एक प्रतिशत से घटकर शून्य दशमलव नौ प्रतिशत पर आ गया।
बंधन बैंक के पहली तिमाही के नतीजे मुनाफे और एसेट क्वालिटी के लिहाज से भले ही सकारात्मक रहे हों, लेकिन भविष्य के लिए मार्जिन दबाव और लाभप्रदता गाइडेंस में कटौती की घोषणा ने निवेशकों की धारणा को झटका दिया है। यही कारण रहा कि 22 जुलाई को बैंक के शेयरों में निवेशकों ने भारी बिकवाली की और शेयर पंद्रह प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया।