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नेस्ले इंडिया ने Q1FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹958.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। घरेलू मांग और वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹6,378 करोड़ हुआ। शेयर में 3% की तेजी।
एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया लिमिटेड (Nestle India Ltd) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए अपने शानदार वित्तीय परिणामों का ऐलान किया है। मजबूत घरेलू मांग और वॉल्यूम-बेस्ड ग्रोथ (बिक्री की मात्रा में वृद्धि) के दम पर कंपनी के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों ने दलाल स्ट्रीट और बाजार विश्लेषकों के अनुमानों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
कंसोलिडेटेड स्तर पर नेस्ले इंडिया का शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर ₹958.7 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹647.8 करोड़ था। वहीं, इस दौरान कंपनी का परिचालन से कुल राजस्व (Revenue from Operations) 25 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹6,378.2 करोड़ पर पहुंच गया।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन में विश्लेषकों के अनुमान ध्वस्त: मुनाफा ₹975.1 करोड़ पार
नेस्ले इंडिया ने स्टैंडअलोन आधार पर भी बाजार के सभी अनुमानों को खारिज करते हुए रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया:
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट: कंपनी का टैक्स पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 47.9 प्रतिशत बढ़कर ₹975.1 करोड़ हो गया। गौरतलब है कि सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) के पोल में कंपनी का तिमाही मुनाफा ₹857 करोड़ रहने का अनुमान जताया गया था, जिसे कंपनी ने आसानी से पार कर लिया।
- कुल बिक्री (Total Sales): कंपनी की कुल बिक्री 25.4 प्रतिशत बढ़कर ₹6,363.3 करोड़ रही, जो बाजार के ₹6,065 करोड़ के कंसेंसस अनुमान से काफी अधिक है।
- घरेलू बिक्री और मार्जिन: समीक्षाधीन तिमाही के दौरान घरेलू बिक्री में 25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का EBITDA मार्जिन 24.2 प्रतिशत पर रहा, जबकि प्रति शेयर आय (EPS) ₹5.06 दर्ज की गई।
वॉल्यूम में बढ़ोतरी और लागत कटौती से मजबूत हुआ मुनाफा
तिमाही प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) मनीष तिवारी ने कहा कि कंपनी ने एक बेहद मजबूत तिमाही हासिल की है, जहां बिक्री में वृद्धि मुख्य रूप से उच्च मात्रा (Higher Volumes) के कारण हुई है।
उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक (Geopolitical) चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी का निर्यात (Exports) 35.6 प्रतिशत बढ़ा है। मनीष तिवारी ने यह भी रेखांकित किया कि नेस्ले इंडिया ने तिमाही के दौरान अपनी परिचालन लागत-बचत पहलों (Operational Cost-Saving Initiatives) में तेजी लाई, जिसने कच्चे माल के उतार-चढ़ाव के बीच भी कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) को बनाए रखने में बड़ी मदद की।
ब्रांड्स पर आक्रामक निवेश: विज्ञापन खर्च 40% से ज्यादा बढ़ा
नेस्ले इंडिया ने अपने प्रमुख ब्रांड्स की बाजार पहुंच और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए आक्रामक रूप से निवेश जारी रखा है। कंपनी का विज्ञापन और प्रचार खर्च (Advertising & Promotional Expenditure) बीते वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है।
सीएमडी मनीष तिवारी के अनुसार, कंपनी के सभी चारों प्रोडक्ट ग्रुप्स (मैगी, किटकैट, नेसकैफे और मिल्क प्रोडक्ट्स) ने मजबूत दोहरे अंकों (Double-digit) में वृद्धि दर्ज की। मल्टीपल सेल्स चैनल्स के माध्यम से हुए मजबूत प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि उपभोक्ता आधार में कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो की मांग लगातार बनी हुई है।
नतीजों के बाद शेयर में 3% से ज्यादा की तेजी, निफ्टी में टॉप गेनर्स में शामिल
उम्मीद से काफी बेहतर आए वित्तीय प्रदर्शन से गदगद निवेशकों ने नेस्ले इंडिया के शेयरों में जमकर खरीदारी की। बुधवार को नतीजों की घोषणा के बाद देर सुबह के कारोबार में नेस्ले इंडिया का शेयर 3.3 प्रतिशत तक उछलकर ₹1,500 के स्तर पर पहुंच गया और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE Nifty) के टॉप गेनर्स में शामिल हो गया।
उल्लेखनीय है कि साल 2026 में अब तक नेस्ले इंडिया के शेयर 15.9 प्रतिशत की रैली कर चुके हैं। इस दौरान कंपनी ने बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ा है, जिसमें इसी अवधि के दौरान 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।