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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में BJP और TMC के बीच कड़ा मुकाबला। तमिलनाडु में DMK आगे। जानें मतगणना केंद्रों के ताजा हालात और अर्जुन सिंह के आरोप।
पश्चिम बंगाल: कांटे की टक्कर और धांधली के आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों ही दल लगभग 112-112 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी आधिकारिक रुझानों की पुष्टि होना बाकी है। इस बीच, नोआपाड़ा से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने मतगणना केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उन्हें और उनके चुनाव एजेंट को स्ट्रांग रूम खोलने के समय अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसे उन्होंने चुनावी धोखाधड़ी की कोशिश बताया है।
मतगणना केंद्रों पर हंगामा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना प्रक्रिया शुरू होते ही बंगाल के कई हिस्सों से विवाद की खबरें सामने आ रही हैं। मालदा में बख्तरबंद वाहनों के साथ सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं, वहीं अन्य केंद्रों पर टीएमसी और भाजपा के पोलिंग एजेंटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। टीएमसी एजेंटों का आरोप है कि उन्हें पेन और फाइलें अंदर ले जाने से रोका गया, जबकि भाजपा एजेंटों को इसकी छूट दी गई। दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि टीएमसी के लोग बिना पहचान पत्र के प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं और हार की हताशा में हंगामा खड़ा कर रहे हैं।
तमिलनाडु और केरल: दक्षिण में चुनावी हलचल
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) गठबंधन शुरुआती बढ़त बनाए हुए है। द्रमुक लगभग 55 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अन्नाद्रमुक (AIADMK) गठबंधन 25 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर है। चेन्नई के लोयोला कॉलेज, क्वीन मैरी कॉलेज और अन्ना विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम किए गए हैं। केरल और पुडुचेरी में भी स्ट्रांग रूम खुलने के साथ ही मतगणना की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो गई है। लगभग 4.8 करोड़ वोटों की गिनती के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।