पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के रुझानों में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच जबरदस्त मुकाबला। तीसरे दौर की गिनती के बाद ममता को मामूली बढ़त, जबकि BJP गठबंधन बहुमत के करीब।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: भवानीपुर में ममता और शुभेंदु के बीच कांटे की टक्कर, BJP बहुमत के करीब
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने पूरे देश की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच ‘शह और मात’ का खेल जारी है। चुनाव आयोग के तीसरे दौर की मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, ममता बनर्जी ने एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी पर मामूली बढ़त बना ली है। शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद ममता बनर्जी लगभग 2000 वोटों से पिछड़ गई थीं, लेकिन तीसरे दौर के बाद उन्होंने 800 वोटों के अंतर से वापसी की है। हालांकि, यह बढ़त इतनी कम है कि आने वाले राउंड्स में परिणाम किसी भी ओर झुक सकता है।
शुभेंदु अधिकारी का ‘सनातनी’ दांव और जीत का भरोसा
अपनी बढ़त के बीच शुभेंदु अधिकारी ने जीत का विश्वास जताते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भवानीपुर में पहला दौर मुस्लिम बहुल इलाकों का था, जिसके कारण वे पीछे रहे, लेकिन हिंदू बहुल इलाकों की गिनती शुरू होते ही उन्होंने 2200 वोटों की बढ़त बना ली थी। शुभेंदु ने कहा, “मैं उन सभी हिंदुओं और सनातनियों को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरे पक्ष में मतदान किया। ममता बनर्जी एक बार फिर भवानीपुर में हार का स्वाद चखेंगी।” उनके इस बयान ने बंगाल की राजनीति में ध्रुवीकरण की बहस को फिर से तेज कर दिया है।
रुझानों में भाजपा को बढ़त: 148 के जादुई आंकड़े के करीब
पूरे राज्य की बात करें तो चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन 140 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) 73 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, विभिन्न समाचार चैनलों के रुझान भाजपा को बहुमत के और भी करीब दिखा रहे हैं। चैनलों के अनुसार, 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 178 सीटों पर आगे है, जो बहुमत के आंकड़े (148) से 30 सीट अधिक है। वहीं, टीएमसी 113 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के चुनावों में 213 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी के लिए यह रुझान बेहद चिंताजनक हैं।
ऐतिहासिक मतदान और 2021 के मुकाबले का असर
पश्चिम बंगाल ने इस बार लोकतंत्र का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आजादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47% मतदान दर्ज किया गया, जिसमें दूसरे चरण में 91.66% और पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19% वोटिंग हुई। भारी मतदान को अक्सर सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) के रूप में देखा जाता है, जिसका असर रुझानों में स्पष्ट दिख रहा है। 2021 में भाजपा केवल 77 सीटों पर रुकी थी, लेकिन इस बार उसने अपनी स्थिति में जबरदस्त सुधार किया है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतगणना जारी है और शाम तक स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल में ‘दीदी’ की वापसी होगी या ‘कमल’ खिलेगा।