मौसम विभाग ने 9 अक्टूबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-NCR में भी बादल छाने और हल्की बारिश के आसार हैं।
देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की विदाई के साथ बारिश की गतिविधियां कम होने लगी हैं। कई राज्यों में मौसम शुष्क बना हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 अक्टूबर को देश के कई राज्यों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम में हो रहे इन बदलावों का असर आने वाले दिनों में भी दिखाई दे सकता है। जहां एक ओर कई राज्यों में मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण बारिश जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है। उत्तराखंड में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर खुले स्थानों, ऊंचे पहाड़ी इलाकों और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, जिससे वाहन चालकों को सावधानी से यात्रा करने की जरूरत होगी। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और गरज-चमक के चलते तापमान में बदलाव महसूस हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने जाने वाले पर्यटकों को स्थानीय मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश का असर दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है। ऐसे में लोगों को बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों के अनुसार, बारिश की तीव्रता अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी क्षेत्र में यात्रा करने से पहले स्थानीय पूर्वानुमान की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में छाए रहेंगे बादल
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 से 14 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल छाए रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को दिल्ली-NCR में आमतौर पर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने और दिन के दौरान हल्की हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, पूरे क्षेत्र में मौसम एक जैसा रहने की संभावना नहीं है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलाव देखने को मिल सकता है। हल्की बारिश से कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो सकता है। वहीं, बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का असर कम महसूस हो सकता है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। यदि कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश होती है, तो वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहतर होगा।
बिहार, ओडिशा और मध्य भारत में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, 9 से 11 अक्टूबर के दौरान बिहार, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बिहार में 9 अक्टूबर को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। राज्य में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश का प्रभाव स्थानीय स्तर पर अलग-अलग रहने की संभावना है। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए मौसम की जानकारी रखना विशेष रूप से उपयोगी होगा।
पूर्वोत्तर भारत में 14 अक्टूबर तक बारिश और बिजली गिरने की आशंका
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 से 14 अक्टूबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में भिन्न हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत से लौट रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में मानसून की बारिश धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि, मानसून की वापसी के बाद भी स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इसलिए लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मानसून की विदाई का अर्थ हर जगह बारिश का पूरी तरह बंद हो जाना नहीं है। फिलहाल, देश के कई राज्यों में मौसम अलग-अलग रूप दिखा रहा है। ऐसे में यात्रा, खेती और रोजमर्रा की गतिविधियों की योजना बनाते समय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों को ध्यान में रखना जरूरी है।