SIR विवाद: INDIA गठबंधन का राजघाट पर प्रदर्शन, राहुल गांधी ने फिर मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा

SIR विवाद: INDIA गठबंधन का राजघाट पर प्रदर्शन, राहुल गांधी ने फिर मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा

 

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को INDIA गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की। मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला था, जबकि बुधवार को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन किया गया। इसके बाद गुरुवार को विपक्षी नेता बस से राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन को लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया। वहीं, चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे इन सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग विपक्षी गठबंधन के विरोध का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।

केसी वेणुगोपाल बोले- महात्मा गांधी को याद कर दे रहे बड़ा संदेश

कांग्रेस महासचिव संगठन और सांसद केसी वेणुगोपाल ने राजघाट पहुंचने के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विपक्ष महात्मा गांधी को याद करके देश को एक बड़ा संदेश दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है। वेणुगोपाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व किया था और अब विपक्ष उनके विचारों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने इस आंदोलन को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि विपक्ष आगे की रणनीति के बारे में भी जानकारी देगा। कांग्रेस नेता के मुताबिक, राजघाट पर पहुंचने का उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करना है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार किसी भी लोकतंत्र की बुनियाद है और चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का भरोसा कायम रहना चाहिए।

गौरव गोगोई ने की प्रधानमंत्री से विपक्ष की मांग सुनने की अपील

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के लोग मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंतित हैं। गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह जनता की आवाज सुनें और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को गंभीरता से लें। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मदद से चुनाव जीतने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, ये विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप हैं। गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। विपक्षी सांसदों ने अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। उनका कहना है कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए संबंधित मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है।

भट्टी विक्रमार्का बोले- नागरिकों से छीना जा रहा मतदान का अधिकार

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू ने भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान करने का अधिकार प्राप्त है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। उनके मुताबिक, यदि किसी नागरिक के मतदान के अधिकार पर सवाल उठता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। उन्होंने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता केवल अपनी पार्टी के वोटों के लिए नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के मतदान के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भट्टी विक्रमार्का ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मूल दायित्व नागरिकों के बीच विश्वास कायम करना है। उनके अनुसार, यदि मतदाता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं, तो संस्था को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने और देश के सामने जवाबदेही तय करने की मांग भी की।

मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई और युवाओं की समस्याओं का भी उठाया मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि INDIA गठबंधन के नेता गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देने और प्रार्थना करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि भाजपा सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश के हित में अपने फैसलों पर विचार करें। खरगे ने मतदाता सूची से जुड़े विवाद के अलावा महंगाई और युवाओं की समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी गठबंधन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सरकार को नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। खरगे के मुताबिक, राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष अपनी चिंताओं को सामने रखना चाहता है।

राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई का दिया भरोसा

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को पिछले दो दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास और बुधवार को जंतर-मंतर के नजदीक विपक्षी नेताओं को रोका गया। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के साथ मारपीट होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे कथित साजिश बताया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संविधान और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत जानकारी में नहीं है। विपक्षी नेताओं के मुताबिक, आगे भी उनका आंदोलन चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। लगातार तीसरे दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन से साफ है कि SIR को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

 

 

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