दिल्ली के मौजपुर में रेस्टोरेंट में आग लगने से अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोगों को पहली मंजिल से कूदना पड़ा। AAP नेता प्रवीण ने बीजेपी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक रेस्टोरेंट में आग लगने की घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के बाद रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई और अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों को पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। घटना के वीडियो सामने आने के बाद लोगों की सुरक्षा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी के नेता प्रवीण (@Aap_Praveen) ने इस घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और राजधानी में सुरक्षा मानकों को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस तरह की घटनाएं सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों की वास्तविकता पर सवाल खड़े करती हैं।
आग लगते ही मची अफरातफरी, लोगों ने पहली मंजिल से लगाई छलांग
दिल्ली के मौजपुर में एक बड़ा हादसा होने से बच गया जब एक Restaurant में आग लग गई। लोगों को पहली मंजिल से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी।
इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में सुरक्षा मानकों को लेकर भाजपा सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 15, 2026
जानकारी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में स्थित उधम रेस्टोरेंट की रसोई में 13 अक्टूबर की रात करीब 10:34 बजे आग लग गई। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी, जबकि उस समय पहली मंजिल पर भी लोग मौजूद थे। आग और धुएं के कारण वहां फंसे लोगों के सामने बाहर निकलने की चुनौती खड़ी हो गई। अपनी जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने पहली मंजिल की खिड़कियों से छलांग लगा दी। घटना के वीडियो में स्थानीय लोग नीचे खड़े होकर लोगों को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बच्चों और महिलाओं को बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने चादरों और गद्दों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। घटना के दौरान दिखाई दिए इन दृश्यों ने रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों के सामने पैदा हुई मुश्किल स्थिति को उजागर किया।
कर्मचारियों और दमकल विभाग ने संभाली स्थिति
आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने भी आग बुझाने में मदद की और आग को फैलने से रोकने में योगदान दिया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं मिली। हालांकि, आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की बात कही गई है। इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि अगर आग तेजी से फैलती या बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता, तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी।
AAP नेता प्रवीण ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के नेता प्रवीण ने मौजपुर की घटना को लेकर बीजेपी सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि राजधानी में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। रेस्टोरेंट में आग लगने के बाद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदना पड़ा, यह स्थिति अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाती है। AAP ने इस घटना को दिल्ली में सुरक्षा मानकों के पालन और प्रशासनिक निगरानी से जोड़ते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की है। हालांकि, रेस्टोरेंट में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकती है।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
मौजपुर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि दिल्ली के रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का कितना पालन किया जा रहा है। किसी भी प्रतिष्ठान में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित निकास द्वार, आग बुझाने वाले उपकरण, आपातकालीन निकासी योजना और जरूरी सुरक्षा मंजूरियां महत्वपूर्ण होती हैं। अगर इन व्यवस्थाओं में कमी हो, तो छोटी-सी घटना भी बड़े हादसे में बदल सकती है। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करें।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आग लगने की वजह
फिलहाल मौजपुर के रेस्टोरेंट में आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर बहस तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए सुरक्षा के दावों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस घटना से जुड़ी जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी थी या नहीं। सबसे बड़ी राहत यही रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। लेकिन लोगों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से कूदना पड़ा, यह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेने की जरूरत को रेखांकित करता है।