Varun Dhawan: वरुण धवन ने ‘बेटर न्यूट्रिशन’ में किया निवेश, अपने खेत को बनाएंगे बायोफोर्टिफाइड फार्म

Varun Dhawan: वरुण धवन ने ‘बेटर न्यूट्रिशन’ में किया निवेश, अपने खेत को बनाएंगे बायोफोर्टिफाइड फार्म

 

बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने बेटर न्यूट्रिशन ब्रांड में निवेश किया है और इसके एंबेसडर भी बने हैं। वह अपने खेत को बायोफोर्टिफाइड फार्म बनाने की दिशा में काम करेंगे, ताकि फसलों में आयरन, जिंक और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जा सके।

बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ-साथ खेती और बेहतर पोषण को लेकर भी चर्चा में हैं। हाल ही में कृषि भूमि खरीदने वाले वरुण अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि हमारे खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें कैसे उगाई जाती हैं और उन्हें अधिक पौष्टिक कैसे बनाया जा सकता है। इसी दिशा में अभिनेता ने ‘बेटर न्यूट्रिशन’ (Better Nutrition) नाम के ब्रांड में निवेश किया है। यह ब्रांड टीवी शो ‘शार्क टैंक इंडिया’ के सीजन 4 में भी नजर आ चुका है। निवेश के साथ वरुण धवन इस ब्रांड के एंबेसडर भी बन गए हैं। वह बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के साथ ब्रांड को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। इस साझेदारी के तहत अभिनेता अपने खेत को बायोफोर्टिफाइड फार्म में बदलने की दिशा में काम करेंगे, जहां फसलों में आयरन, जिंक और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

खेती के प्रति बढ़ी वरुण धवन की दिलचस्पी

वरुण धवन की दिलचस्पी अब केवल खेती करने तक सीमित नहीं है। वह यह जानना चाहते हैं कि खेत से हमारी थाली तक पहुंचने वाले अनाज और दूसरे खाद्य पदार्थों की पोषण गुणवत्ता किस तरह बेहतर बनाई जा सकती है। कृषि भूमि खरीदने के बाद अभिनेता इस विषय को करीब से समझने की कोशिश कर रहे हैं। बेटर न्यूट्रिशन के साथ उनकी साझेदारी इसी सोच का हिस्सा है। इस सहयोग के जरिए वह अपने खेत पर बायोफोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को समझेंगे और उसे अपनाने की दिशा में काम करेंगे। बायोफोर्टिफिकेशन ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से फसलों में आयरन, जिंक और दूसरे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इसका उद्देश्य भोजन को उसकी सामान्य कैलोरी और ऊर्जा के अलावा अधिक पोषण प्रदान करने में सक्षम बनाना है।

‘बेटर न्यूट्रिशन अब मेरा ब्रांड भी है’, बोले वरुण

अभिनेता ने इस साझेदारी को अपने लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण बताया। अफाक्स को दिए गए बयान में वरुण धवन ने कहा कि वह बेटर न्यूट्रिशन के साथ मिलकर अपने खेत को बायोफोर्टिफाइड बनाने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब बेटर न्यूट्रिशन उनका ब्रांड भी है। वरुण के मुताबिक, उन्हें कंपनी का उद्देश्य पसंद आया और वह इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ब्रांड के साथ उनकी भागीदारी और अधिक देखने को मिलेगी। अभिनेता की इस बात से साफ है कि उनका जुड़ाव केवल किसी उत्पाद के प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह खेती और पोषण से जुड़े इस प्रयास को अपने जीवन के एक खास हिस्से के रूप में देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर खेत का वीडियो साझा कर दी जानकारी

वरुण धवन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर खेत से जुड़ा एक वीडियो साझा करके इस नई पहल के बारे में बताया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि उन्हें एहसास हुआ है कि खेती तो केवल शुरुआत थी और अब पोषण इस यात्रा का बड़ा हिस्सा बन सकता है। अभिनेता ने बताया कि बेटर न्यूट्रिशन के प्रतेक और ऐश्वर्या से संपर्क होने के बाद वह इस विचार से प्रेरित हुए। इसके बाद उन्होंने अपने खेत को एक नई दिशा देने के साथ-साथ ब्रांड का अभिन्न हिस्सा बनने का फैसला किया। वरुण ने अपनी पोस्ट में भारत को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य का भी उल्लेख किया। उनकी इस पहल से खेती, खाद्य गुणवत्ता और पोषण के बीच संबंध को लेकर उनकी बढ़ती दिलचस्पी सामने आती है।

क्या है बेटर न्यूट्रिशन ब्रांड?

बेटर न्यूट्रिशन रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों, जैसे आटा, दाल, चावल और मोटे अनाज से जुड़े उत्पाद तैयार करता है। कंपनी के अनुसार, उसके कुछ उत्पादों में पारंपरिक किस्मों की तुलना में आयरन, जिंक और अन्य जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों का स्तर दोगुना तक हो सकता है। हालांकि, पोषक तत्वों की वास्तविक मात्रा उत्पाद और फसल की किस्म के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कंपनी बायोफोर्टिफाइड बीजों और मिट्टी से जुड़े विज्ञान का इस्तेमाल करके फसलों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने पर काम करती है। इसका उद्देश्य ऐसे खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है, जो लोगों के रोजमर्रा के भोजन में पोषण बढ़ाने में मदद कर सकें।

फसलों में पोषक तत्वों की जांच के लिए तकनीक का इस्तेमाल

बेटर न्यूट्रिशन की कार्यप्रणाली में तकनीक की भी अहम भूमिका है। कंपनी के मुताबिक, वह खेत के स्तर पर फसलों में मौजूद खनिजों की मात्रा मापने के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) तकनीक का इस्तेमाल करती है। इस तकनीक से फसल में मौजूद खनिजों का आकलन करने और उसकी गुणवत्ता की जांच करने में मदद मिलती है। बायोफोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में बीजों के चयन से लेकर मिट्टी की गुणवत्ता और फसल की निगरानी तक कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। वरुण धवन अपने खेत को इस तरह के फार्म में बदलने के दौरान इन प्रक्रियाओं को करीब से समझ सकेंगे। हालांकि, खेत को बायोफोर्टिफाइड बनाने की योजना के वास्तविक नतीजे फसल, खेती की परिस्थितियों और अपनाई गई तकनीकों पर निर्भर करेंगे।

फिल्मों में भी व्यस्त हैं वरुण धवन

काम की बात करें तो वरुण धवन के लिए साल 2026 फिल्मों के लिहाज से भी व्यस्त रहा है। वह जनवरी में रिलीज हुई ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। इसके बाद जून में उनकी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ रिलीज हुई। अब अभिनेता की अगली फिल्म ‘नो एंट्री 2’ को लेकर चर्चा है। इसके अलावा ऐसी खबरें भी हैं कि वरुण धवन, निर्देशक अभय पन्नू की फिल्म के लिए यशराज फिल्म्स के साथ बातचीत कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रोडक्शन हाउस की पहली हॉरर फीचर फिल्म हो सकती है, हालांकि इस परियोजना को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

कुल मिलाकर, वरुण धवन का बेटर न्यूट्रिशन में निवेश उनके करियर के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत रुचियों में आए बदलाव को भी दर्शाता है। अभिनेता अब खेती को केवल जमीन पर फसल उगाने की प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और पोषण को समझने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं। अपने खेत को बायोफोर्टिफाइड फार्म बनाने की योजना के जरिए वह बेहतर पोषण से जुड़े प्रयासों में सीधे भागीदारी करना चाहते हैं।

 

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