नाना पाटेकर के निधन से एक्शन डायरेक्टर शाम कौशल गहरे सदमे में हैं। उन्होंने 36 साल पुराने रिश्ते को याद करते हुए बताया कि नाना उनके बड़े भाई जैसे थे और विक्की कौशल व सनी कौशल को भी बेहद प्यार करते थे।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके करीबी लोगों में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 को पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उन्हें गन सैल्यूट देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ अभिनेता सलमान खान, एक्शन डायरेक्टर शाम कौशल और कई अन्य करीबी लोग मौजूद रहे।
नाना पाटेकर के निधन से उनके लंबे समय के दोस्त और मशहूर एक्शन डायरेक्टर शाम कौशल भी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने नाना के साथ अपने 36 साल पुराने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि अभिनेता उनके लिए सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि बड़े भाई जैसे थे।
‘प्रहार’ के बाद भाई जैसा बन गया था रिश्ता
शाम कौशल ने नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए बताया कि फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ (1991) उनके करियर के लिए बेहद खास थी। इस फिल्म का निर्देशन नाना पाटेकर ने किया था और इसी फिल्म से शाम कौशल को एक्शन डायरेक्टर के तौर पर पहला बड़ा मौका मिला था। शाम के मुताबिक, फिल्म के बाद दोनों के बीच ऐसा रिश्ता बना, जो समय के साथ और मजबूत होता गया। उन्होंने कहा कि नाना उनके लिए केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि परिवार के बड़े सदस्य और बड़े भाई की तरह थे। पेशेवर संबंधों से शुरू हुआ यह रिश्ता धीरे-धीरे निजी जीवन का अहम हिस्सा बन गया। शाम कौशल ने बताया कि नाना के साथ उनका जुड़ाव फिल्मों तक सीमित नहीं रहा और वे एक-दूसरे के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहे।
मुश्किल वक्त में परिवार के साथ खड़े रहे नाना
शाम कौशल ने बातचीत में नाना पाटेकर के उस व्यवहार को भी याद किया, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने बताया कि जब उन्हें उनकी जरूरत थी, तब नाना पुणे से उनके पास पहुंचे थे और उनके परिवार के साथ खड़े रहे। शाम ने कहा कि नाना ने उनके और उनके परिवार के लिए जो किया, उसका कर्ज वह कभी नहीं चुका सकते। उनके मुताबिक, नाना के साथ उनका रिश्ता भगवान की बनाई हुई ऐसी डोर था, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना मुश्किल है। शाम कौशल ने बताया कि नाना के निधन के बाद वह पुणे में उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। पार्थिव शरीर को देखकर वह खुद को संभाल नहीं पाए और लगातार रोते रहे। उन्होंने कहा कि अभी तक वह इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाए हैं कि नाना अब उनके बीच नहीं रहे।
विक्की और सनी कौशल को भी बहुत प्यार करते थे नाना
शाम कौशल ने बताया कि नाना पाटेकर का उनके बेटों विक्की कौशल और सनी कौशल के साथ भी बेहद खास रिश्ता था। दोनों को उन्होंने बचपन से बड़ा होते देखा था। शाम के मुताबिक, जब विक्की और सनी घुटनों के बल चलना सीख रहे थे, तभी से नाना का उनके घर आना-जाना था। दोनों बच्चों के प्रति नाना का स्नेह इतना गहरा था कि वे उन्हें पिता जैसी शख्सियत मानते थे। शाम कौशल ने कहा कि नाना उनके बेटों को बहुत प्यार करते थे और परिवार के हर सदस्य के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव था। यही वजह है कि उनके निधन से केवल शाम कौशल ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार एक बड़े नुकसान से गुजर रहा है। शाम ने यह भी कहा कि नाना के परिवार के साथ उनका रिश्ता पिछले 36 वर्षों से जुड़ा हुआ है और वह आगे भी उनके परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
गणपति उत्सव के दौरान 21 सितंबर को हुई थी आखिरी मुलाकात
शाम कौशल ने नाना पाटेकर के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया था। नाना पिछले 27-28 वर्षों से मुंबई स्थित अपने घर पर गणपति उत्सव मनाते थे और शाम कौशल इस दौरान उनके घर जरूर जाते थे। करीब पांच साल पहले जब नाना ने पुणे में गणपति उत्सव मनाना शुरू किया, तब भी शाम ने इस परंपरा को जारी रखा। कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने इस मुलाकात की अहमियत को बनाए रखा था। शाम के लिए गणपति उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दोस्ती और परिवार के रिश्तों को मजबूत करने का अवसर था। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर कुछ दिन पहले गणपति की सजावट हो रही थी, उसी जगह पर नाना का पार्थिव शरीर रखा देखकर उनका दिल टूट गया।
अनुशासित जीवन जीते थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर के निधन ने शाम कौशल को इसलिए भी हैरान कर दिया, क्योंकि उनके मुताबिक अभिनेता अपनी सेहत और दिनचर्या को लेकर बेहद अनुशासित थे। शाम ने बताया कि दोनों अक्सर बातचीत करते थे और नाना की तबीयत अच्छी रहती थी। उन्होंने अपने घर पर जिम भी बनवाया था और लोगों को नियमित व्यायाम करने तथा फिट रहने के लिए प्रेरित करते थे। ऐसे में उनके अचानक चले जाने की खबर पर यकीन करना शाम के लिए बेहद मुश्किल था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर नाना जैसे अनुशासित व्यक्ति के साथ ऐसा हो सकता है, तो जिंदगी में किसी के साथ भी कुछ अप्रत्याशित हो सकता है। शाम कौशल के मुताबिक, वह अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें नाना की कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।
‘नाना जी जैसे लोगों की दुनिया को जरूरत है’
शाम कौशल ने नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि नाना इस सम्मान के हकदार थे और दुनिया को उनके जैसे और लोगों की जरूरत है। शाम ने बताया कि जब भी उन्हें कोई परेशानी होती थी, वह नाना को फोन कर लेते थे। उनके लिए नाना केवल दोस्त नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा थे, जिनसे वह अपनी बातें साझा कर सकते थे। अभिनेता के जाने से उनकी जिंदगी में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। शाम कौशल ने कहा कि वह आने वाले दिनों में फिर पुणे जाएंगे और नाना की पत्नी तथा बेटे के साथ समय बिताएंगे। उनके शब्दों से साफ है कि नाना पाटेकर के साथ उनका रिश्ता फिल्मों, काम और शोहरत से कहीं आगे था। यह दोस्ती, परिवार और दशकों के भरोसे से बना ऐसा संबंध था, जिसकी यादें अब उनके साथ हमेशा रहेंगी।