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वंदे मातरम् विवाद को लेकर BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस पर हमलावर है और पार्टी नेताओं की ओर से कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के कथित अपमान का आरोप लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का अपमान कांग्रेस नेतृत्व की ओर से लगातार किया जा रहा है और इस पूरे मामले में कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने वंदे मातरम् विवाद के साथ-साथ नक्सलवाद और कथित तौर पर ‘दिमागी नक्सलियों’ के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
रविशंकर प्रसाद ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका का दावा किया है, उसके मौजूदा नेतृत्व की ओर से वंदे मातरम् का तिरस्कार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत से जुड़े इस मामले को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस पूरे प्रकरण के लिए माफी मांगनी चाहिए। उनके मुताबिक, देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्रीय भावना से जुड़े गीत के प्रति सम्मान दिखाना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस के रवैये को लेकर सवाल उठाए और पार्टी नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
एक स्टैंजा गाने के मुद्दे पर भी विवाद
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वीडियो में सोनिया गांधी कथित तौर पर यह कहती दिखाई दे रही हैं कि केवल एक स्टैंजा गाया जाना था और पूरा गीत क्यों गाया जा रहा है। भाजपा सांसद ने इसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब इस मामले को लेकर सवाल उठने लगे तो बाद में मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। रविशंकर प्रसाद ने इस स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस कुर्सी की व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है, वह कार्यक्रम में कहीं दिखाई नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से अलग-अलग तरह के तर्क दिए जा रहे हैं।
कांग्रेस से मांगी माफी
भाजपा नेता ने कहा कि वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसके गायन को लेकर किसी प्रकार का विवाद पैदा होना राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय है। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस मामले में किसी तरह का औचित्य पेश करने के बजाय माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस संगठन की राजनीति का एक बड़ा हिस्सा स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जुड़ा होने का दावा करता है, उसके लिए वंदे मातरम् के सम्मान का विशेष महत्व होना चाहिए। भाजपा की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाए जाने से साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
वंदे मातरम् विवाद के अलावा रविशंकर प्रसाद ने नक्सलवाद और माओवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने पत्रकारों को पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल की घटनाओं की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान माओवादियों के खिलाफ सरकार के रुख को लेकर कई सवाल उठे थे। रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों के जवानों की हत्या के बावजूद तत्कालीन सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश की गई थी। उन्होंने इसी संदर्भ में कांग्रेस की नक्सलवाद संबंधी नीति पर सवाल खड़े किए और पार्टी पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाया।
जेएनयू कार्यक्रम का भी किया जिक्र
रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू में हुए एक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों से जुड़े होने का आरोप था, उनके स्वागत की योजना बनाई गई थी। भाजपा सांसद ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस और उससे जुड़े राजनीतिक समूहों पर राष्ट्रविरोधी तत्वों के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया। हालांकि ऐसे राजनीतिक आरोपों को लेकर कांग्रेस की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। नक्सलवाद और जेएनयू से जुड़े पुराने विवादों को सामने लाकर भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रवाद की व्यापक बहस से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज ने भी जताई नाराजगी
इस बीच वंदे मातरम् विवाद को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस विवाद पर अपनी नाराजगी और दुख जाहिर किया है। उन्होंने कथित तौर पर वंदे मातरम् के गायन में रुकावट डालने की कोशिश को ऐतिहासिक गलती को दोहराने जैसा बताया। उनके पत्र के सामने आने के बाद विवाद को एक नया आयाम मिल गया है। अब मामला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गीत के ऐतिहासिक महत्व और उसके सम्मान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक बयानबाजी के और तेज होने के आसार
वंदे मातरम् विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के बाद देश की राजनीति में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। भाजपा जहां कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा जाना बाकी है। रविशंकर प्रसाद के बयान से यह स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रवाद से जोड़कर कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर, नक्सलवाद और जेएनयू जैसे मुद्दों को भी साथ जोड़ने से बहस का दायरा और व्यापक हो गया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद और गरमा सकता है और संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक दोनों दल एक-दूसरे पर और तीखे हमले कर सकते हैं।