उत्पन्ना एकादशी 2025: 15 नवंबर को है मार्गशीर्ष मास की पहली एकादशी, इन कामों से रहें बचें

उत्पन्ना एकादशी 2025: 15 नवंबर को है मार्गशीर्ष मास की पहली एकादशी, इन कामों से रहें बचें

उत्पन्ना एकादशी 2025: जानिए 15 नवंबर को मार्गशीर्ष मास की पहली एकादशी पर क्या करें और क्या न करें। व्रत के शुभ नियम, सात्विक भोजन, दान और क्रोध से बचने के टिप्स।

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की पहली एकादशी है, जो इस वर्ष 15 नवंबर 2025, शनिवार को पड़ रही है। इसे एकादशी व्रत की शुरुआत माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और एकादशी माता की विशेष पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए जाने वाले कुछ गलत कार्य दुर्भाग्य ला सकते हैं, इसलिए सावधानी आवश्यक है।

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उत्पन्ना एकादशी 2025 पर क्या न करें

  1. झूठ और छल-कपट से बचें: उत्पन्ना एकादशी पर झूठ बोलना या किसी को धोखा देना अशुभ माना गया है। ऐसा करने से व्रत का फल प्रभावित होता है और भगवान विष्णु रुष्ट हो सकते हैं।

  2. लहसुन-प्याज और मांसाहार से परहेज: इस दिन केवल सात्विक भोजन करें। तामसिक चीज़ें जैसे लहसुन, प्याज, मांस, और शराब व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकती हैं।

  3. क्रोध और गुस्से से बचें: उत्पन्ना एकादशी पर क्रोध करना या कटु वचन बोलना व्रत को अशुभ बना सकता है। शांत मन से व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

  4. दान करना न भूलें: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना शुभ माना गया है। इस दिन दान करने से पुण्य बढ़ता है और व्रत का फल मिलता है।

  5. चावल का सेवन न करें: एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित है। आप द्वादशी तिथि पर चावल का सेवन कर सकते हैं।

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