गणेश चतुर्थी पर जप करें ये 5 मंत्र, विघ्न-बाधाएं होंगी दूर और बप्पा की बरसेगी कृपा

गणेश चतुर्थी पर जप करें ये 5 मंत्र, विघ्न-बाधाएं होंगी दूर और बप्पा की बरसेगी कृपा

 

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश के इन 5 मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। जानें विघ्न नाशक, गणेश गायत्री और ऋण मुक्ति मंत्र समेत सभी मंत्र।

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि गणपति बप्पा अपने भक्तों के जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करते हैं और उन्हें सुख, समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन से 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होगी। इस अवसर पर भक्त घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करके विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। पूजा के साथ मंत्रों का जाप करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पर किन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

गणेश जी का मूल मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः।

भगवान गणेश का यह सबसे सरल और लोकप्रिय मंत्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करने से मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। मान्यता है कि गणपति बप्पा की कृपा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

आप पूजा के दौरान शांत मन से इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। मंत्र जाप के समय भगवान गणेश का ध्यान करना और अपनी मनोकामना उनके सामने रखना शुभ माना जाता है।

लक्ष्मी-विनायक मंत्र

ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

भगवान गणेश को सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी को धन-धान्य की देवी माना जाता है। इसी कारण लक्ष्मी-विनायक मंत्र को आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों के जीवन में आर्थिक परेशानियां चल रही हों, वे गणेश चतुर्थी के दिन इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक लक्ष्मी-विनायक मंत्र का जाप करने से धन-धान्य की प्राप्ति के साथ जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस मंत्र के जाप के दौरान भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का ध्यान करना शुभ माना जाता है।

विघ्न नाशक मंत्र

ॐ वक्रतुण्डाय हुं।

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। उनका यह मंत्र भी विघ्नों और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त करने का मार्ग बन सकता है।

कुछ धार्मिक परंपराओं में इस मंत्र के बड़ी संख्या में जाप का उल्लेख मिलता है। हालांकि गणेश चतुर्थी जैसे विशेष अवसर पर श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार 108 बार इसका जाप कर सकते हैं। मंत्र जाप करते समय मन को शांत रखना और भगवान गणेश का ध्यान करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

गणेश गायत्री मंत्र

ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दंति प्रचोदयात्।

गणेश गायत्री मंत्र को ज्ञान, बुद्धि और विवेक से जुड़ा हुआ माना जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि और ज्ञान का देवता भी कहा जाता है। इसलिए विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए इस मंत्र का जाप विशेष माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश गायत्री मंत्र का जाप करने से बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि होती है। विद्यार्थी पढ़ाई शुरू करने से पहले भगवान गणेश का ध्यान करके इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। माना जाता है कि बप्पा की कृपा से व्यक्ति को सही निर्णय लेने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा मिलती है।

ऋण मुक्ति के लिए गणेश मंत्र

ॐ गणेश ऋणं छिंधि वरं हुं नमः फट्।

आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति की कामना रखने वाले लोगों के लिए गणेश जी के ऋण मुक्ति मंत्र का जाप करने की धार्मिक मान्यता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता होने के साथ-साथ सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला देवता भी माना जाता है।

मान्यता के अनुसार, इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से आर्थिक समस्याओं से निकलने की शक्ति और सही मार्ग प्राप्त हो सकता है। इसे गणेश चतुर्थी के दिन विशेष श्रद्धा के साथ जाप किया जा सकता है। हालांकि वास्तविक कर्ज से मुक्ति के लिए आर्थिक अनुशासन, सही वित्तीय योजना और आवश्यक कदम उठाना भी उतना ही जरूरी है।

मंत्र जाप में रखें श्रद्धा और एकाग्रता

गणेश चतुर्थी के दिन मंत्र जाप करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा, फूल, मोदक आदि अर्पित करें। इसके बाद अपनी सामर्थ्य और समय के अनुसार किसी एक या अधिक मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

धार्मिक मान्यताओं में मंत्रों को आध्यात्मिक साधना का माध्यम माना गया है। इसलिए मंत्र जाप करते समय जल्दबाजी के बजाय मन को शांत और एकाग्र रखना अधिक महत्वपूर्ण है। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर भगवान गणेश का ध्यान, पूजा और मंत्र जाप करके भक्त विघ्नहर्ता से सुख, शांति, बुद्धि और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

 

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