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यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ रिलीज के बाद नेगेटिव रिव्यू को लेकर विवादों में है। कुछ दर्शकों ने सोशल मीडिया पर फिल्म के खिलाफ पेड PR का आरोप लगाया है।
यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म “टॉक्सिक” आखिरकार 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म की कहानी, दृश्य और विजुअल्स लंबे समय से दर्शकों को उत्साहित कर रहे हैं। फिल्म को सोशल मीडिया पर रिलीज से पहले भी चर्चा हुई। फिल्म “टॉक्सिक” ने सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के कुछ ही समय बाद एक नए विवाद का जन्म लिया है। कुछ दर्शकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया है कि फिल्म के खिलाफ गलत पब्लिसिटी की जा रही है, और कुछ नकारात्मक रिव्यू कथित तौर पर पेड प्रचार का हिस्सा हो सकते हैं।
रिलीज के कुछ समय बाद ही नेगेटिव रिव्यू के बारे में प्रश्न उठाया
फिल्म सुबह 6 बजे से प्रसारित होगी। ऐसे में कुछ दर्शकों ने सवाल उठाया कि पहले शो खत्म होने से पहले ही फिल्म पर सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में कहा गया था कि फिल्म की पूरी कहानी और प्रदर्शन पर बहुत कम समय में बहुत से लोगों ने अपनी राय दी।
एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने बताया कि शो सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ था और अभी सिर्फ एक घंटा बीता था, लेकिन कुछ लोगों ने इसके बारे में नकारात्मक टिप्पणी की, जैसे उन्होंने पूरी फिल्म देखा हो। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद “टॉक्सिक” शब्द पर बहस छिड़ गई।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि, हालांकि, नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर आए सभी नकारात्मक रिव्यू वास्तव में पेड कैंपेन का हिस्सा हैं या फिर कुछ दर्शकों ने अपनी व्यक्तिगत राय दी है। ऐसे में, सोशल मीडिया यूजर्स के दावे ही इन आरोपों को देखते हैं।
क्या नेगेटिव प्रचार “टॉक्सिक” के खिलाफ है?
‘टॉक्सिक’ की रिलीज से पहले भी फिल्म बहुत चर्चा में रही है। फ्रेंचाइजी में उनकी पहली फिल्म, “केजीएफ” की शानदार सफलता ने उनके नए काम से काफी उम्मीदें बढ़ा दी हैं। फिल्म की कहानी और विजुअल ट्रीटमेंट ने पहले से ही सोशल मीडिया पर अनेक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। रिलीज के बाद, कथित नेगेटिव PR भी चर्चा का विषय बन गया है।
कुछ दर्शकों का मानना है कि बड़ी फिल्मों के रिलीज होने पर सोशल मीडिया पर नेगेटिव और पॉजिटिव राय तेजी से प्रकट होती हैं। यही कारण है कि व्यवस्थित तरीके से किसी फिल्म के खिलाफ अभियान चलाए जाने का दावा सिर्फ तब विश्वसनीय माना जा सकता है जब उसके पक्ष में स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध हों। पेड PR की पुष्टि करना मुश्किल है केवल कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर।
दर्शकों की राय से फिल्म की असली तस्वीर निर्धारित होगी
आने वाले दिनों में, ‘टॉक्सिक’ की असली तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। दर्शकों को फिल्म कितनी पसंद आई, इसकी शुरुआत की सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, दर्शकों का लंबे समय तक बना रहने वाला रुझान और मौखिक चर्चा निर्धारित करेंगे। किसी भी फिल्म के शुरूआती रिव्यू बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन वे अक्सर पूरी कहानी नहीं बताते।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर “टॉक्सिक” शब्द पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं दिखाई दे रही हैं। दर्शकों में से कुछ फिल्म की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरे फिल्म का समर्थन कर रहे हैं और फिल्म के कथित नेगेटिव कैंपेन पर सवाल उठा रहे हैं। फिल्म की रिलीज के साथ ही इसकी ऑनलाइन चर्चा भी इस पूरे विवाद से बढ़ी है।
आने वाले दिनों में विवाद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है यदि पेड PR या किसी संगठित नेगेटिव कैंपेन का कोई ठोस सबूत सामने आता है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर उठाए गए आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दर्शकों की वास्तविक प्रतिक्रिया और फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का इंतजार करना ही सबसे सही दृष्टिकोण हो सकता है।