स्वास्थ्य परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं: डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी अधिकारियों को सख्त चेतावनी

स्वास्थ्य परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं: डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी अधिकारियों को सख्त चेतावनी

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ACS डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा की। कार्य समय पर पूरा न होने पर दी सख्त चेतावनी।

हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य में चल रही महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब स्वास्थ्य संबंधी विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. मिश्रा ने परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ‘जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली’ को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

जवाबदेही और समयबद्धता पर विशेष जोर

बैठक के दौरान डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार अब केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, “सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं बिना किसी देरी के मिलें। इसके लिए परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर कार्य में विलंब होता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्राथमिकता

स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों, मेडिकल उपकरणों की खरीद और अन्य स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (Health Infrastructure) की खुद निगरानी करें।

कार्यप्रणाली में बदलाव: औपचारिक समीक्षा से आगे बढ़कर परिणाम

डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक परिणाम-उन्मुख (Result-oriented) बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य है कि नई स्वास्थ्य परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के अस्पतालों की क्षमता बढ़े और मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अन्यत्र न भटकना पड़े।

परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक या मासिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि आने वाली चुनौतियों को समय रहते हल किया जा सके। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास कार्य राज्य के जन-कल्याण के लिए हैं और इन्हें समय पर पूरा करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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