हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने 75 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को कार्य समय पर पूरा करने के दिए कड़े निर्देश।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं की गति को नई दिशा देते हुए एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में 75 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का गहन विश्लेषण किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा (Deadlines) का पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
परियोजनाओं की समीक्षा और समय सीमा का महत्व
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक परियोजना का कार्य पूर्ण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देरी होने से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि जनता को मिलने वाले लाभ में भी बाधा उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री ने परियोजनावार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से उन बाधाओं की जानकारी ली जो निर्माण कार्यों में रुकावट बन रही हैं।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 75 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी परियोजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे नियमित अंतराल पर साइट का दौरा करें और कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो उसके लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
विकास कार्यों में तेजी का लक्ष्य
इस ‘प्रगति’ बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure Development) को गति देना है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास से जुड़ी इन बड़ी परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से हरियाणा के आर्थिक विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपसी तालमेल बढ़ाकर कार्य करने को कहा ताकि फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग के बीच न उलझें।
जनता को समर्पित विकास का संकल्प
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार प्रदेश के हर कोने में समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन स्पष्ट है—भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और तेज गति से विकास। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जो ‘विकसित हरियाणा’ की परिकल्पना को साकार करेंगी।