RBI के रेपो रेट यथावत रखने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स 180 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,600 के ऊपर कारोबार कर रहा है। जानिए आज किन सेक्टरों और शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी।
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को यथावत रखने के एक दिन बाद घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद घरेलू निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी रखी। आईटी, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर में हल्की मुनाफावसूली दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,650–24,775 के स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त के साथ की शुरुआत
सुबह करीब 9:35 बजे बीएसई सेंसेक्स 180 अंक यानी लगभग 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,761.43 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 करीब 12 अंक चढ़कर 24,626 पर पहुंच गया और शुरुआती कारोबार में 24,600 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बना रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, यह स्तर निफ्टी के लिए अल्पकालिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्मॉलकैप शेयरों में रही मजबूती
व्यापक बाजार (Broader Market) में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.4 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि मिडकैप इंडेक्स हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रमुख संकेतक इंडिया VIX करीब 1.36 प्रतिशत गिरकर 11.90 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल निवेशकों के बीच घबराहट कम है और बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
आईटी सेक्टर में खरीदारी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में लगभग 0.37 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के कारण आईटी इंडेक्स मजबूत रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर कंपनियों से अलग दिशा में देखने को मिला है। यही वजह है कि वैश्विक टेक शेयरों में कमजोरी के बावजूद भारतीय आईटी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
इन सेक्टरों में भी रही तेजी
आईटी के अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, केमिकल और फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर ऑटो, रियल्टी, सीमेंट और मेटल सेक्टर में हल्की मुनाफावसूली के चलते कुछ दबाव देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन सेक्टरों में हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने कुछ मुनाफा वसूलना उचित समझा।
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, इटरनल, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे। इनमें करीब 1.5 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में दबाव
भारतीय बाजार की सकारात्मक शुरुआत के बावजूद अधिकांश एशियाई शेयर बाजार दबाव में रहे।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3.64 प्रतिशत गिर गया, जबकि जापान का निक्केई करीब 1.57 प्रतिशत फिसल गया। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर पूरे एशियाई बाजारों पर देखने को मिला।
दक्षिण कोरिया में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि जापान की कई चिप कंपनियों के शेयर भी भारी दबाव में रहे।
कच्चे तेल की कीमतें स्थिर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम और संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के कारण तेल की कीमतों में फिलहाल ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
RBI की नीति से बाजार को मिला सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने से बाजार को स्थिरता मिली है।
बाजार रणनीतिकारों का कहना है कि फिलहाल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाई देती है। ऐसे में वित्तीय सेवाओं, ऑटोमोबाइल और अन्य ब्याज-संवेदनशील सेक्टरों पर तत्काल कोई नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी की संरचना अभी भी मजबूत बनी हुई है।
यदि सूचकांक 24,650 के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो 24,775 का स्तर अगला बड़ा प्रतिरोध होगा। इस स्तर के ऊपर निकलने पर बाजार में तेज तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं नीचे की ओर 24,550 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि निफ्टी इसके नीचे जाता है, तो अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी
दिनभर के कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और कॉर्पोरेट आय बाजार को समर्थन दे रहे हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और निफ्टी 24,650 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो आने वाले सत्रों में भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।