आज भारतीय शेयर बाजार के हल्की बढ़त के साथ खुलने के संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में तेजी, एशियाई बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी के 24,500 सपोर्ट लेवल पर निवेशकों की नजर रहेगी।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 6 अगस्त को कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ होने की संभावना है। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि निफ्टी 50 बुधवार के बंद स्तर से ऊपर खुल सकता है। हालांकि एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार निवेशकों को सतर्क बनाए रख सकता है। इसके अलावा मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और सोने में जारी तेजी भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार फिलहाल मजबूत स्थिति में है, लेकिन निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में ही निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
गिफ्ट निफ्टी से मिले सकारात्मक संकेत
सुबह करीब 7:38 बजे भारतीय समयानुसार गिफ्ट निफ्टी लगभग 55 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,689.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिल रहे हैं कि निफ्टी 50 की शुरुआत बुधवार के 24,624 के बंद स्तर से ऊपर हो सकती है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी बहुत बड़ी नहीं होगी और बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
मध्य पूर्व की स्थिति पर निवेशकों की नजर
वैश्विक निवेशकों की नजर फिलहाल मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है। हाल ही में ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य से प्रस्तावित समुद्री मार्ग के भौगोलिक समन्वय को लेकर सहमति बनने की खबरों से बाजार को कुछ राहत मिली है।
हालांकि अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान होना बाकी है। यदि क्षेत्र में तनाव कम होता है तो इसका सकारात्मक असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों से राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता रहने से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे कई सेक्टरों के शेयरों को समर्थन मिलने की संभावना है।
सोने की कीमतों में जारी है तेजी
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर के कमजोर होने से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में कमजोरी
गुरुवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.5 प्रतिशत से अधिक फिसल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया।
विशेष रूप से टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। हाल के दिनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े शेयरों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने अब कुछ मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार
बुधवार को वॉल स्ट्रीट पर कारोबार मिला-जुला रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
वहीं एसएंडपी 500 में 0.17 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर सतर्क नजर आए, हालांकि कई कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी दृष्टि से निफ्टी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है, बशर्ते वह 24,500 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के ऊपर बना रहे।
यदि निफ्टी 24,600 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो इसमें तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है और सूचकांक 24,800 से 25,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।
इन स्तरों पर रखें नजर
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 24,500 पहला प्रमुख सपोर्ट है। इसके नीचे 24,400 से 24,300 का क्षेत्र महत्वपूर्ण रहेगा।
अगर बाजार 24,400 के नीचे फिसलता है, तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है और निफ्टी 24,200 तक भी आ सकता है। इसलिए अल्पकालिक निवेशकों को इन स्तरों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और स्थिर निवेश प्रवाह बाजार को सहारा दे रहे हैं।
हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश करना चाहिए। साथ ही वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। यदि निफ्टी 24,600 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।