SBI 12 महीने की FD पर सामान्य ग्राहकों को 6.25%, वरिष्ठ नागरिकों को 6.75% और 80 वर्ष से अधिक आयु के ग्राहकों को 6.85% तक ब्याज दे रहा है। जानिए SBI FD की नई ब्याज दरें, फायदे और RBI रेपो रेट का असर।
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं के जरिए ग्राहकों को सुरक्षित निवेश के साथ आकर्षक रिटर्न का विकल्प उपलब्ध करा रहा है। मौजूदा समय में जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, तब निवेशकों की नजर एफडी की ब्याज दरों पर बनी हुई है। खास बात यह है कि एसबीआई सामान्य ग्राहकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को भी अतिरिक्त ब्याज का लाभ दे रहा है। यदि आप 1 साल के लिए एफडी कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि एसबीआई इस अवधि पर कितना ब्याज दे रहा है और किन ग्राहकों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
12 महीने की एफडी पर कितना ब्याज दे रहा है SBI?
भारतीय स्टेट बैंक 12 महीने यानी एक वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ग्राहकों को उनकी आयु के अनुसार अलग-अलग ब्याज दरों का लाभ दे रहा है। बैंक की मौजूदा ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर लागू हैं।
सामान्य ग्राहक (60 वर्ष से कम): 6.25% वार्षिक ब्याज
वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या अधिक): 6.75% वार्षिक ब्याज
अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष या अधिक): 6.85% वार्षिक ब्याज
इस तरह वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के ग्राहकों को वरिष्ठ नागरिकों से भी 0.10 प्रतिशत अधिक ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्यों फायदेमंद है SBI FD?
एसबीआई की एफडी योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प मानी जाती है। सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय की आवश्यकता को देखते हुए बैंक उन्हें अतिरिक्त ब्याज का लाभ देता है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला अतिरिक्त 0.50 प्रतिशत ब्याज लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करता है। वहीं अति वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला अतिरिक्त लाभ उनकी बचत को और अधिक सुरक्षित तथा लाभदायक बनाता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग निवेशक एसबीआई की एफडी योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
एफडी निवेश क्यों है सुरक्षित विकल्प?
फिक्स्ड डिपॉजिट उन निवेशकों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है जो बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहते हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों की तुलना में एफडी में निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
एफडी में निवेश करने पर ब्याज दर पहले से तय होती है, इसलिए बाजार के उतार-चढ़ाव का आपके रिटर्न पर कोई असर नहीं पड़ता। इसके अलावा एसबीआई जैसे सरकारी बैंक में निवेश होने के कारण ग्राहकों का भरोसा भी अधिक रहता है।
SBI ने आखिरी बार कब बदली थीं ब्याज दरें?
भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी एफडी ब्याज दरों में दिसंबर 2025 में आखिरी बार संशोधन किया था। उसके बाद से बैंक ने अपनी जमा योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।
यानी वर्तमान में लागू ब्याज दरें पिछले संशोधन के बाद से लगातार जारी हैं। यदि भविष्य में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो एसबीआई भी अपनी एफडी दरों की समीक्षा कर सकता है।
RBI के रेपो रेट का एफडी पर क्या पड़ता है असर?
भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में लगातार चौथी बार रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। आरबीआई ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराता है। इसका सीधा प्रभाव बैंकों की उधार और जमा योजनाओं पर पड़ता है।
जब रेपो रेट घटता है तो बैंकों के लिए धन जुटाना सस्ता हो जाता है। ऐसे में वे होम लोन, कार लोन और अन्य ऋणों की ब्याज दरें कम कर सकते हैं। इसके साथ ही एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी घट सकता है। दूसरी ओर, यदि रेपो रेट बढ़ता है तो बैंक आमतौर पर लोन और एफडी दोनों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं।
एफडी कराने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
यदि आप एसबीआई में एफडी कराने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहले अपनी निवेश अवधि तय करें और यह सुनिश्चित करें कि आपको उस राशि की तत्काल आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा विभिन्न अवधियों की ब्याज दरों की तुलना करें और अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार योजना चुनें।
वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध अतिरिक्त ब्याज का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि मौजूदा ब्याज दरें केवल 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर लागू हैं।
क्या अभी एफडी में निवेश करना सही रहेगा?
मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और स्थिर रेपो रेट को देखते हुए एफडी निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प बनी हुई है। यदि आप जोखिम से बचते हुए निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो एसबीआई की 12 महीने की एफडी योजना आपके लिए उपयुक्त हो सकती है।
विशेष रूप से वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज का लाभ इस योजना को और अधिक आकर्षक बनाता है। हालांकि निवेश करने से पहले बैंक की नवीनतम ब्याज दरों और नियमों की आधिकारिक पुष्टि कर लेना हमेशा बेहतर होता है, ताकि आपको सही और अद्यतन जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में आसानी हो।