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RBI द्वारा रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखने के बाद भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती तेजी कमजोर पड़ गई। बैंकिंग और ब्लूचिप शेयरों में मुनाफावसूली से सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में आ गए, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 5 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। दिन की शुरुआत और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति (MPC) के फैसले के बाद बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, लेकिन दोपहर तक यह बढ़त टिक नहीं सकी। बैंकिंग और दिग्गज (ब्लूचिप) शेयरों में मुनाफावसूली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में पहुंच गए। हालांकि, स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही, जिससे व्यापक बाजार (Broader Market) ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
विश्लेषकों का कहना है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला पहले से ही बाजार की उम्मीदों में शामिल था। इसलिए शुरुआती उत्साह के बाद निवेशकों ने बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर देखने को मिला।
RBI के फैसले के बाद बदला बाजार का रुख
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपनी ‘न्यूट्रल’ (Neutral) नीति को भी बरकरार रखा।
इस घोषणा के बाद बाजार ने शुरुआत में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों में तेजी देखने को मिली। लेकिन कुछ ही घंटों बाद निवेशकों ने बैंकिंग और बड़े शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार की बढ़त धीरे-धीरे खत्म हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि RBI का फैसला बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था, इसलिए निवेशकों को कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं मिला, जिसके चलते शुरुआती खरीदारी टिक नहीं पाई।
सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में
दोपहर करीब 2 बजे तक बीएसई सेंसेक्स लगभग 81 अंक की गिरावट के साथ 78,347 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 79,055 का इंट्राडे हाई भी बनाया था, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आ गई।
वहीं एनएसई निफ्टी करीब 100 अंक फिसलकर 24,515 के आसपास पहुंच गया। दिन के दौरान निफ्टी ने 24,677 का उच्च स्तर भी छुआ था, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में यह नीचे आ गया।
स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, वहीं छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा सेक्टरों और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं।
बाजार में बढ़ी अस्थिरता
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इंडिया VIX, जिसे बाजार का “फियर इंडेक्स” भी कहा जाता है, करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 12.56 पर पहुंच गया।
इंडिया VIX में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि निवेशकों के बीच बाजार की निकट भविष्य की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
इन कंपनियों के शेयरों में लगभग 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।
इन दिग्गज शेयरों में हुई बिकवाली
दूसरी ओर टीसीएस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
इन शेयरों में करीब 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर नकारात्मक असर डाला।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। RBI की ओर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने से अर्थव्यवस्था को स्थिरता का संदेश मिला है, लेकिन निवेशकों को आगे महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी ध्यान देना होगा।
यदि आने वाले दिनों में विदेशी निवेश में सुधार और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे जारी रहते हैं, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों को अस्थिरता के बीच सोच-समझकर निवेश करने और मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों पर फोकस बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।