ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में कपिल देव के 434 विकेटों के रिकॉर्ड की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। स्टार्क ने कहा कि रिकॉर्ड से ज्यादा उनके लिए टीम के लिए खेलना और लगातार बेहतर प्रदर्शन करना मायने रखता है।
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गए हैं। बाएं हाथ के इस स्टार तेज गेंदबाज को अब टेस्ट क्रिकेट में भारत के महान कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव के विकेटों के रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत है। हालांकि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब पहुंचने के बावजूद स्टार्क का कहना है कि जब तक कोई खिलाड़ी सक्रिय रूप से क्रिकेट खेल रहा होता है, तब तक व्यक्तिगत रिकॉर्ड उसके लिए ज्यादा मायने नहीं रखते। उनका मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात लगातार अपने खेल में सुधार करना और टीम के लिए योगदान देना है।
कपिल देव के रिकॉर्ड से सिर्फ एक विकेट दूर
मिचेल स्टार्क ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 105 मैचों में 433 विकेट हासिल किए हैं। इस तरह वह कपिल देव के 434 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड से केवल एक कदम दूर हैं। आगामी बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज, जिसकी शुरुआत 13 अगस्त से होगी, में स्टार्क के पास कपिल देव की बराबरी करने और उन्हें पीछे छोड़ने का सुनहरा मौका होगा।
अगर स्टार्क इस सीरीज में सात विकेट लेने में सफल रहते हैं, तो वह दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन (439 विकेट) को भी पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में और ऊपर पहुंच जाएंगे।
‘रिकॉर्ड नहीं, टीम के लिए खेलना ज्यादा जरूरी’
ऑस्ट्रेलियाई समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान मिचेल स्टार्क ने कहा कि रिकॉर्ड तब तक ज्यादा मायने नहीं रखते, जब तक खिलाड़ी सक्रिय रूप से खेल रहा हो।
उन्होंने कहा कि इतने महान गेंदबाजों के साथ अपना नाम जुड़ना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात है, लेकिन वह इन उपलब्धियों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। उनका पूरा ध्यान वर्तमान मैचों और टीम के प्रदर्शन पर रहता है।
स्टार्क ने कहा कि खिलाड़ी अगर रिकॉर्ड के बारे में ज्यादा सोचने लगे तो वह अपने खेल से ध्यान भटका सकता है। इसलिए वह हर मैच में सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश करते हैं।
16 साल में लगातार किया खुद को बेहतर
मिचेल स्टार्क ने अपने लंबे करियर का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 16 वर्षों में उन्होंने लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में अनुभव के साथ काफी कुछ बदलता है। समय के साथ फिटनेस, रणनीति और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। स्टार्क का मानना है कि यदि कोई खिलाड़ी सीखना बंद कर दे, तो उसका विकास भी रुक जाता है।
यही कारण है कि वह आज भी अपने प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश तलाशते रहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल
मिचेल स्टार्क पिछले एक दशक से अधिक समय से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बने हुए हैं। नई गेंद से तेज रफ्तार, स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने की उनकी क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शामिल करती है।
उन्होंने कई अहम टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेशी परिस्थितियों से लेकर घरेलू मैदान तक, स्टार्क ने हर जगह अपनी उपयोगिता साबित की है।
कपिल देव का रिकॉर्ड क्यों है खास
भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने अपने टेस्ट करियर में 434 विकेट लिए थे। लंबे समय तक यह भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा गेंदबाजी रिकॉर्ड रहा।
कपिल देव केवल शानदार गेंदबाज ही नहीं, बल्कि बेहतरीन कप्तान और उपयोगी बल्लेबाज भी थे। उनकी कप्तानी में भारत ने 1983 का विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था।
ऐसे महान खिलाड़ी के रिकॉर्ड की बराबरी करना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
डेल स्टेन को भी पीछे छोड़ सकते हैं स्टार्क
यदि स्टार्क बांग्लादेश के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी करते हैं, तो उनके पास केवल कपिल देव ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन को भी पीछे छोड़ने का मौका होगा।
डेल स्टेन ने अपने टेस्ट करियर में 439 विकेट लिए थे और उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे घातक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।
स्टार्क के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह उपलब्धि भी उनके लिए दूर नहीं लगती।
बांग्लादेश सीरीज पर रहेंगी सभी की नजरें
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास रहने वाली है। एक ओर ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगा, वहीं दूसरी ओर सभी की निगाहें मिचेल स्टार्क पर होंगी।
अगर वह शुरुआती मुकाबले में ही एक विकेट हासिल कर लेते हैं, तो कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। इसके बाद अगले कुछ विकेट उन्हें टेस्ट क्रिकेट के महानतम गेंदबाजों की सूची में और ऊपर पहुंचा देंगे।
उपलब्धि से ज्यादा प्रदर्शन पर फोकस
मिचेल स्टार्क का बयान यह दर्शाता है कि महान खिलाड़ी व्यक्तिगत रिकॉर्ड से अधिक टीम की सफलता और अपने प्रदर्शन को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड अपने समय पर बनते रहते हैं, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में लगातार बेहतर बनने की कोशिश सबसे महत्वपूर्ण होती है। यही सोच उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में शामिल करती है। आने वाली टेस्ट सीरीज में क्रिकेट प्रेमियों की नजर न केवल ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर होगी, बल्कि इस बात पर भी होगी कि स्टार्क कब कपिल देव के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी करते हैं और उसके बाद उसे पीछे छोड़ते हैं।