अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत 55 सांसदों ने पत्र लिखकर उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुए अनशन के बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है।
इस बीच, संजय सिंह सहित संसद के 55 सांसदों ने एक पत्र लिखकर सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।
अस्पताल में भी अनशन जारी, सांसदों ने लिखा पत्र
आप सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिर रही है, लेकिन वे छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई के लिए अडिग हैं।
“अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक जी का अनशन जारी है। हमें उनकी सेहत की बेहद चिंता है। इसी चिंता को देखते हुए कई सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया है। जंतर-मंतर पर छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई में पूरा देश सोनम वांगचुक जी के साथ खड़ा है।”
— संजय सिंह (राज्यसभा सांसद, AAP)
संजय सिंह ने बताया कि विपक्षी दलों के 15 से अधिक सांसद (जिसमें आम आदमी पार्टी, सपा, राजद, सीपीआई (एम), झामुमो और बीजेडी के प्रतिनिधि शामिल थे) मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिलने और 55 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र सौंपने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन द्वारा सांसदों को उनसे मिलने से रोक दिया गया, जिसके बाद सांसदों ने यह पत्र सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो को सौंपा।
जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन
छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। लगातार कई दिनों से अन्न-जल का त्याग करने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सीय देखरेख के लिए अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
विपक्षी नेताओं ने सरकार से अपील की है कि वे प्रदर्शनकारियों और छात्रों की जायज मांगों को सुनें और इस गतिरोध को जल्द से जल्द हल करें ताकि सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ सकें।