भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी तैयारियों पर की बात।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी इस समय अपने करियर के स्वर्णिम दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में आईसीसी महिला टी20आई गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद, उन्होंने एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। ओल्ड ट्रैफर्ड में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान, 21 वर्षीय चरणी ने एक ही टी20 विश्व कप संस्करण में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने बांग्लादेश की पारी के अंतिम ओवर में शोरना अख्तर को आउट कर अपने विकेटों की संख्या 11 तक पहुँचा दी। इसके साथ ही उन्होंने पूनम यादव के 2020 टूर्नामेंट के 10 विकेट के पिछले भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
टीम के लिए समर्पित है लक्ष्य
इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद, श्री चरणी का पूरा ध्यान व्यक्तिगत मील के पत्थरों पर नहीं, बल्कि टीम के विश्व कप जीतने के सपने पर है। जिओस्टार (JioStar) से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि रैंकिंग और रिकॉर्ड उनके लिए बाद की बातें हैं। उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूँ तो मेरा पूरा ध्यान अभी सिर्फ विश्व कप पर है। हम टूर्नामेंट के बीच में हैं और यही मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। मैं नंबर एक रैंकिंग या किसी व्यक्तिगत उपलब्धि के बारे में नहीं सोच रही हूँ। ये चीजें अच्छी हैं, लेकिन फिलहाल मेरी प्राथमिकता नहीं हैं।” उनका मानना है कि अगर वह अपनी गेंदबाजी पर ध्यान केंद्रित रखेंगी और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करती रहेंगी, तो बाकी चीजें खुद-ब-खुद हो जाएंगी।
सादगी और अनुशासन ही सफलता का मूल मंत्र
बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए चरणी ने कहा कि उन्होंने कोई भी असाधारण या जटिल प्रयोग करने के बजाय केवल अपने अनुशासन पर भरोसा किया। पिच से मिल रही थोड़ी बहुत मदद का लाभ उठाते हुए, उन्होंने अपनी लाइन-लेंथ और वेरिएशन को एकदम सटीक रखा। उन्होंने बताया, “मैंने सब कुछ सरल रखा। मैंने कुछ भी अतिरिक्त करने की कोशिश नहीं की और सिर्फ उसी पर ध्यान दिया जिसका मैंने अभ्यास किया था। मुझे पता था कि अगर मैं सही एरिया में गेंदबाजी करती रहूँगी, तो विकेट अपने आप मिलेंगे।” यह परिपक्वता 21 साल की उम्र में किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण है, जो उन्हें खेल के सबसे बड़े मंच पर एक भरोसेमंद गेंदबाज बनाती है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ‘निर्णायक’ मुकाबले की तैयारी
अब भारतीय टीम का सामना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक बेहद महत्वपूर्ण ग्रुप-स्टेज मुकाबले में होने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल मैच को लेकर टीम का रुख काफी स्पष्ट है। चरणी के अनुसार, टीम इस मुकाबले को किसी अलग या असाधारण मैच के रूप में नहीं ले रही है। उन्होंने कहा, “हाँ, ऑस्ट्रेलिया का मैच बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। हम जीत हासिल कर ग्रुप स्टेज में शीर्ष पर रहना चाहते हैं। लेकिन हम इसे किसी अलग तरह से नहीं देख रहे हैं। हम चीजों को सरल रखेंगे और अपनी प्रक्रिया (process) पर अडिग रहेंगे।”
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद
श्री चरणी का उदय भारतीय महिला स्पिन गेंदबाजी विभाग के लिए एक सुखद संकेत है। उनकी निरंतरता, दबाव में विकेट लेने की क्षमता और जमीन से जुड़ी हुई सोच उन्हें भारतीय टीम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाती है। विश्व कप जैसे दबाव भरे टूर्नामेंट में जहाँ बड़े-बड़े खिलाड़ी लड़खड़ा जाते हैं, वहाँ चरणी का यह शांत और संयमित रवैया उन्हें टीम के लिए एक संपत्ति बनाता है।
आगामी मुकाबले में, पूरी भारतीय टीम की निगाहें ऑस्ट्रेलिया को मात देकर अपनी स्थिति मजबूत करने पर हैं। श्री चरणी जिस लय में गेंदबाजी कर रही हैं, उससे भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि वे न केवल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करेंगी, बल्कि टीम को विश्व कप की ट्रॉफी तक पहुँचाने में एक अहम भूमिका निभाएंगी। व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स तो बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन विश्व कप की जीत किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, और श्री चरणी इस लक्ष्य को लेकर पूरी तरह अडिग दिखाई दे रही हैं।