वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया के चयन पर सबकी नजर है। मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा की वापसी संभव है, जबकि जसप्रीत बुमराह उपलब्ध नहीं होंगे।
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं की बैठक होने वाली है, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का चुनाव होगा। टीम का चयन करने में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उपलब्धता और आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को ध्यान में रखेगी। भारत और वेस्टइंडीज 17 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेंगे, जबकि 6 अक्टूबर से पांच मैचों की टी20 सीरीज होगी। टीम चयन में कई खिलाड़ियों के नाम चर्चा में हैं और मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा की संभावित वापसी सबसे अधिक चर्चा में है।
मोहम्मद सिराज की वनडे टीम में वापसी हो सकती है
इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में मोहम्मद सिराज को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन वनडे मैचों की सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद है। सिराज लंबे समय से भारत के अग्रणी तेज गेंदबाजों में से एक हैं, और उनका वनडे क्रिकेट में अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
सिराज के साथ गूरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव भी वनडे टीम में शामिल होने की संभावना है। ये खिलाड़ी पिछली वनडे सीरीज में भारतीय टीम में थे। यही कारण है कि चयनकर्ता तेज गेंदबाजी विभाग में भारी परिवर्तनों के बजाय मौजूदा विकल्पों पर विश्वास कर सकते हैं।
जसप्रीत बुमराह उपलब्ध नहीं होगा
भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल सकती है। बुमराह एशियन गेम्स में भाग लेने के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं होंगे। ऐसे में सिराज और अन्य तेज गेंदबाजों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।
वर्तमान समय में अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी और स्पिनर युजवेंद्र चहल की वापसी की संभावना कम है। दोनों खिलाड़ी चयनकर्ताओं की वर्तमान रणनीति में महत्वपूर्ण विकल्प नहीं लग रहे हैं। उनके नाम पर विचार किए जाने की संभावना कम है जब तक कोई बड़ा बदलाव या बाहरी दबाव नहीं आता।
रवींद्र जडेजा की वापसी भी देखने में आती है
रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी भी चर्चा का एक बड़ा मुद्दा है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में जडेजा को नहीं चुना गया था। लेकिन आज हालात बदल गए हैं। ड्यूलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच सेमीफाइनल मुकाबले में हरफनमौला खिलाड़ी हर्ष दुबे के चोटिल होने से टीम प्रबंधन को बाएं हाथ का स्पिन विकल्प खोजना पड़ा है।
हर्ष दुबे और अक्षर पटेल दोनों को वनडे सीरीज में बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में देखा गया था। लेकिन दुबे के चोटिल होने और अक्षर के एशियन गेम्स में व्यस्त होने की स्थिति में चयनकर्ता जडेजा को वापस बुलाने पर विचार कर सकते हैं।
मानव सुथार भी एक विकल्प हो सकता है अगर चयनकर्ता किसी नए चेहरे को अवसर देना चाहते हैं। ऐसे में चयन समिति के पास स्पिन विभाग को लेकर कई विकल्प हैं।
कुलदीप यादव की उपलब्धता भी समस्या बन सकती है
कुलदीप यादव को स्पिन विभाग में एक और सवाल है। यदि कुलदीप को एशियन गेम्स के लिए बुलाया जाता है और चोटिल लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती समय पर फिट नहीं हो पाते हैं, तो वनडे टीम को एक अनुभवी कलाई स्पिनर की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसी स्थिति में चयनकर्ता जीशान अंसारी या विप्रज निगम को देख सकते हैं। दोनों खिलाड़ियों को भविष्य की संभावना माना जाता है। चयन समिति को स्पिन विभाग में युवा प्रतिभा और अनुभव का संतुलन बनाना होगा।
रुतुराज गायकवाड़ को बड़ा अवसर मिल सकता है
मध्यक्रम भी बदल सकता है। श्रेयस अय्यर की एशियन गेम्स की वजह से वनडे टीम में एक जगह खाली हो सकती है। यही कारण है कि रुतुराज गायकवाड़ को नंबर चार पर बल्लेबाजी का मौका मिलेगा।
शुभमन गिल के बाद गायकवाड़ मध्यक्रम में महत्वपूर्ण हो सकता है। यशस्वी जायसवाल को भी रिजर्व ओपनर के रूप में टीम में शामिल किया जा सकता है। राजत पाटीदार को बैकअप मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में चयनकर्ताओं को भी अच्छा लग सकता है।
गायकवाड़ और पाटीदार भी देखे जाएंगे
रुतुराज गायकवाड़ और राजत पाटीदार के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत ए टीम में भी शामिल होने की संभावना है। गायकवाड़ को भारत ए का कप्तान बनने का अनुमान है। ऐसे में वेस्टइंडीज सीरीज उनके लिए नेतृत्व क्षमता दिखाने और अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति की बैठक पर अब सबका ध्यान है। टीम चयन में सिराज और जडेजा की वापसी, बुमराह की गैरमौजूदगी और युवा खिलाड़ियों को मौका देना महत्वपूर्ण हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज भी भारतीय टीम की आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी में महत्वपूर्ण है।