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सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को 4% की भारी तेजी। जानें क्यों भागा बाजार और किन शेयरों ने निवेशकों को कराया सबसे ज्यादा मुनाफा।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) समझौते के बाद वैश्विक संकेतों में आए सुधार के चलते घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स ने हाल के हफ्तों की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय बढ़त दर्ज की।
प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
- BSE Sensex: सेंसेक्स 2,946.32 अंक (3.95%) की भारी बढ़त के साथ 77,562.90 पर बंद हुआ।
- NIFTY 50: निफ्टी 3.78% उछलकर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया।
- NIFTY BANK: बैंकिंग इंडेक्स में 5.67% का जोरदार उछाल आया, जो वित्तीय शेयरों में आक्रामक खरीदारी को दर्शाता है।
- Midcap & Smallcap: मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में भी 4-4.5% की तेजी रही, जिससे साफ है कि रैली केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी।
VIX में गिरावट: डर हुआ कम
बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत India VIX (वोलैटिलिटी इंडेक्स) से मिला, जो 20% से अधिक गिरकर 19.7 पर आ गया। VIX में इतनी बड़ी गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों के मन से डर कम हुआ है और बाजार अब ‘रिस्क-ऑन’ (जोखिम लेने की तैयारी) मोड में आ गया है।
सेक्टर अपडेट: रियल्टी और ऑटो में बंपर उछाल
बाजार में रोटेशन साफ दिखाई दिया। निवेशकों ने डिफेंसिव शेयरों (IT और FMCG) को छोड़कर ग्रोथ वाले सेक्टरों में पैसा लगाया:
- Realty: +6.75%
- Auto: +6.69%
- Financial Services: 5-6% की बढ़त
- IT & FMCG: आईटी में मात्र 0.5% और एफएमसीजी में 1.5% की मामूली बढ़त रही।
दिग्गज शेयरों का हाल
- टॉप गेनर्स: श्रीराम फाइनेंस (10% से ज्यादा), अदाणी एंटरप्राइजेज (9%), और आयशर मोटर्स (8%) टॉप परफॉर्मर्स रहे।
- बैंकिंग दिग्गज: एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस में 5-7% की तेजी रही।
- अन्य: एलएंडटी (L&T) और इंडिगो (IndiGo) में भी 8% तक की खरीदारी देखी गई।
RBI का फैसला और एक्सपर्ट की राय
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, जिससे वित्तीय संस्थानों को और मजबूती मिली।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “अंतरिम युद्धविराम को क्षेत्रीय स्थिरता की ओर एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के खुलने से भारत को सीधा फायदा होगा, जिससे कच्चे तेल की कीमतें $100 के नीचे आ गई हैं। इससे भारत की विकास दर के जोखिम कम हुए हैं।”
निष्कर्ष
बाजार की यह रैली काफी हद तक ‘रिलीफ रैली’ (राहत से प्रेरित) है। यदि युद्धविराम बना रहता है और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो बाजार में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, भू-राजनीतिक मोर्चे पर किसी भी नकारात्मक खबर से वोलैटिलिटी फिर से लौट सकती है।