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अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा से सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी आई है। सोना $4,800 के पार निकल गया है। जानें क्या हैं अगले बड़े टारगेट और एक्सपर्ट की राय।
8 अप्रैल को वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। यह उछाल अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद आया है। इस खबर से जहां बाजार ने राहत की सांस ली, वहीं सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के तौर पर कीमती धातुओं की मांग फिर से बढ़ गई।
प्रमुख आंकड़े और कीमतें
- सोना (Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.5% से अधिक बढ़कर तीन सप्ताह के उच्च स्तर $4,819 प्रति औंस पर पहुंच गया। भारतीय बाजार के लिहाज से यह करीब 1,53,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के पार है।
- चांदी (Silver): चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया और इसमें लगभग 6% की तेजी आई, जिससे कीमतें $77 प्रति औंस के करीब पहुंच गईं।
युद्धविराम और बाजार की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने की घोषणा की है। उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान से एक “व्यावहारिक” प्रस्ताव मिला है, जिससे बातचीत का रास्ता खुल सकता है। इसके बदले में ईरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए सहमत हो गया है, जो भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे तेल आयातकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जिओजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी. के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे गिरने से कीमतों को सहारा मिला है।
क्या यह तेजी टिक पाएगी?
ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिषा चैननी ने कहा कि यह रैली राहत और रणनीतिक स्थिति का मिश्रण है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि दो सप्ताह का युद्धविराम कोई स्थायी समाधान नहीं है। अगर बातचीत विफल रहती है, तो कीमतों में तेज गिरावट भी देखी जा सकती है।
तकनीकी विश्लेषण (Technical Outlook)
- सोना: अगला बड़ा रेजिस्टेंस $5,000 (लगभग ₹1,59,000) पर देखा जा रहा है। सपोर्ट लेवल $4,600 पर है।
- चांदी: $76.5 के स्तर को पार करने के बाद अब अगला लक्ष्य $82 और $87 हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक “नी-जर्क रिएक्शन” (त्वरित प्रतिक्रिया) है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों और नीतिगत बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। यदि युद्धविराम एक स्थायी समझौते में बदल जाता है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग कम हो सकती है। लेकिन, यदि बातचीत टूटती है या होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से व्यवधान आता है, तो कीमतें एक बार फिर आसमान छू सकती हैं।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका-ईरान: 2 सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम।
- डॉलर इंडेक्स: 99 के नीचे फिसला, जिससे सोना महंगा हुआ।
- रणनीति: निवेशक फेडरल रिजर्व के अगले कदमों पर नजर बनाए हुए हैं।