शंख को माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है। यदि आपके घर में भी शंख है, तो जानें उसे रखने के सही नियम और वे गलतियां जिनसे घर में दरिद्रता आ सकती है।
हिंदू धर्म में शंख को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी और यह माता लक्ष्मी के सहोदर (भाई) माने जाते हैं। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है और उसकी नियमित पूजा होती है, वहां सुख-समृद्धि का वास होता है।
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि शंख के रखरखाव या इस्तेमाल में की गई कुछ छोटी गलतियां माता लक्ष्मी को नाराज कर सकती हैं? यदि आपके घर में भी शंख है, तो इन 5 महत्वपूर्ण नियमों का पालन जरूर करें:
1. दो शंखों को एक साथ न रखें
वास्तु शास्त्र और पूजा नियमों के अनुसार, मंदिर में एक साथ दो शंख नहीं रखने चाहिए। यदि आपके पास दो शंख हैं, तो उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रखें।
- वजह: दो शंखों का एक ही जगह होना ऊर्जा के टकराव का कारण बन सकता है। पूजा के लिए केवल एक ही शंख का उपयोग करें।
2. बजाने और पूजा करने का शंख अलग हो
अक्सर लोग उसी शंख को बजाते हैं जिससे भगवान का अभिषेक करते हैं। यह एक बड़ी गलती है।
- नियम: जिस शंख का उपयोग आप बजाने के लिए करते हैं, उससे कभी भी भगवान को जल अर्पित न करें। बजाने वाला शंख ‘अशुद्ध’ माना जाता है, जबकि पूजा का शंख सदैव पवित्र होना चाहिए।
3. शंख को कभी खाली न रखें
शंख को हमेशा जल भरकर या चावल भरकर रखना शुभ माना जाता है।
- नियम: पूजा के बाद शंख को खाली करके जमीन पर न रखें। इसे हमेशा एक साफ लाल कपड़े पर या लकड़ी के स्टैंड पर स्थापित करें। शंख में जल भरकर रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
4. शिवलिंग पर शंख से जल न चढ़ाएं
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को शंख से जल चढ़ाना अत्यंत फलदायी है, लेकिन भगवान शिव की पूजा में शंख का वर्जित माना गया है।
- वजह: पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध किया था, जिसकी हड्डियों से शंख की उत्पत्ति हुई। इसलिए शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता (केवल कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर)।
5. दूसरे को अपना शंख न दें
अपने घर की पूजा का शंख कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें और न ही किसी दूसरे का शंख अपने घर लाएं।
- नियम: शंख आपकी व्यक्तिगत श्रद्धा और घर की ऊर्जा का केंद्र होता है। इसे दूसरों के साथ साझा करने से घर की बरकत कम हो सकती है।
शंख रखने की सही दिशा
शंख को हमेशा मंदिर के दाहिनी ओर रखना चाहिए। इसे रखने से पहले इसे गंगाजल से साफ करें। दक्षिणावर्ती शंख को धन और वैभव का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे तिजोरी में रखना भी बहुत शुभ होता है।