फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की शूटिंग के दौरान दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण में शाहिद कपूर ने वैन से बाहर निकलने से किया इनकार। जानिए प्रोड्यूसर ने क्या खुलासा किया।
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल 2’, जिसमें शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं, इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर चर्चा का विषय बनी हुई है। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म अपनी इटली की खूबसूरत लोकेशन्स के लिए जितनी सराही गई, उतनी ही सुर्खियों में रही दिल्ली-एनसीआर में हुई इसकी शूटिंग। हालांकि, दिल्ली की चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे शूटिंग का अनुभव बेहद चुनौतीपूर्ण था। एक ऐसे समय में जब दिल्ली और गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के खतरनाक स्तर को पार कर गया था, फिल्म की टीम को वहां शूटिंग करनी पड़ी। इस दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने शाहिद कपूर के काम करने के तरीके और उनकी शर्तों को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
जब प्रदूषण के कारण शाहिद ने वैन से बाहर निकलने से किया इनकार
फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर सुमित त्यागी ने हाल ही में ‘द शिवम पॉडकास्ट’ में शूटिंग के दौरान की कई अनकही बातें साझा कीं। सुमित ने बताया कि गुरुग्राम के साइबर सिटी में शूटिंग के दौरान प्रदूषण का स्तर इतना अधिक था कि शाहिद कपूर ने वैन से बाहर आने से साफ इनकार कर दिया था। अभिनेता का कहना था कि इतनी जहरीली हवा में काम करना उनके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है। शाहिद की इस मांग ने प्रोडक्शन टीम को एक बड़ी मुश्किल में डाल दिया, क्योंकि शूटिंग का शेड्यूल पूरी तरह से आउटडोर था।
सुमित के अनुसार, शाहिद कपूर ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे शॉट देने के अलावा मास्क नहीं उतारेंगे। उनकी सेहत को लेकर उनकी गंभीरता को देखते हुए प्रोडक्शन टीम ने आनन-फानन में पांच से छह एयर प्यूरीफायर मंगवाए। हालांकि, सुमित खुद इस फैसले को लेकर असमंजस में थे। उन्होंने पॉडकास्ट में मजाकिया लहजे में कहा कि एक खुले मैदान में, जहां प्रदूषण का स्तर जानलेवा हो, वहां एयर प्यूरीफायर का क्या काम हो सकता है? लेकिन शाहिद की संतुष्टि के लिए उन्होंने ये कदम उठाया ताकि अभिनेता को यह न लगे कि उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सुमित त्यागी ने शाहिद को बताया ‘मनमौजी’
इस घटना के बाद जब सुमित से शाहिद कपूर के व्यक्तित्व के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अभिनेता को ‘मनमौजी’ (temperamental) बताया। सुमित का मानना है कि शाहिद अपनी शर्तों पर काम करने वाले इंसान हैं। उन्होंने कहा, “अगर शाहिद को लगता है कि उन्हें अभी काम करना है, तो वे करेंगे। और अगर उन्हें लगता है कि उन्हें निकलना है, तो वे निकल जाएंगे, भले ही पहले से कुछ भी तय क्यों न हुआ हो।” सुमित के मुताबिक, शाहिद के काम करने का तरीका कुछ ऐसा है कि वे दूसरों की परवाह किए बिना अपनी सहूलियत और फैसलों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि शाहिद की कार्यशैली का यह हिस्सा टीम के लिए कई बार कठिन होता है, लेकिन उनकी प्रोफेशनल कमिटमेंट भी उतनी ही सख्त रहती है।
क्या एयर प्यूरीफायर सिर्फ एक दिखावा था?
सुमित त्यागी ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे जानते थे कि बाहर की हवा में एयर प्यूरीफायर का कोई खास असर नहीं होगा, लेकिन यह एक प्रतीकात्मक इशारा (symbolic gesture) था। प्रोडक्शन टीम ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि अभिनेता को यह महसूस हो कि उनकी चिंता को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक ‘बेकार’ की चीज थी जिसे आखिरी मिनट में खरीदा गया था, लेकिन शाहिद के लिए, इसे बेकार नहीं कहा जा सकता था क्योंकि यह उनकी सुरक्षा और मानसिक संतुष्टि का विषय था। यह वाकया बताता है कि कैसे बड़े सितारों के नखरे और उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं फिल्म के सेट पर प्रोडक्शन टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती हैं।
शाहिद कपूर का भविष्य और वर्क फ्रंट
शाहिद कपूर, जो अपनी भूमिकाओं को लेकर हमेशा काफी चयनात्मक रहे हैं, इस फिल्म के बाद अब अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट ‘फर्जी’ सीजन 2 (Farzi Season 2) की तैयारियों में जुटे हैं। राज और डीके द्वारा निर्देशित ‘फर्जी’ का पहला सीजन सुपरहिट रहा था, और फैंस बेसब्री से इसके दूसरे सीजन का इंतजार कर रहे हैं। शाहिद कपूर के प्रशंसक हमेशा उनके अभिनय और उनकी चुनी हुई फिल्मों की सराहना करते हैं, लेकिन सेट पर उनके इस तरह के ‘मनमौजी’ बर्ताव के किस्से अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म की शूटिंग चाहे कितनी भी ग्लैमरस क्यों न दिखे, लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई अक्सर संघर्ष और तनाव से भरी होती है। दिल्ली का वह प्रदूषण भरा शेड्यूल इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक फिल्म को पूरा करने के लिए अभिनेता और प्रोडक्शन टीम को किन-किन कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।