फिल्म ‘दायरा’ के गाने लॉन्च पर पृथ्वीराज सुकुमारन ने मेघना गुलजार के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि हर बहस में मेघना अपने जवाबों से उन्हें मना लेती थीं।
अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन जल्द ही मेघना गुलजार की आगामी फिल्म ‘दायरा’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ करीना कपूर भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। हाल ही में फिल्म के गाने के लॉन्च के दौरान पृथ्वीराज ने मेघना गुलजार के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक और उनके बीच कई बार बहस हुई, लेकिन हर बार मेघना गुलजार अपनी बात साबित करने में कामयाब रहीं।
मेघना गुलजार से सबसे ज्यादा बहस हुई
पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा कि ‘दायरा’ जैसी फिल्म के लिए निर्देशक का पूरी तरह निष्पक्ष और स्पष्ट दृष्टिकोण रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्होंने शायद ही किसी निर्देशक के साथ इतनी ज्यादा बहस की हो, जितनी मेघना गुलजार के साथ इस फिल्म के दौरान हुई।
पृथ्वीराज के मुताबिक, वह फिल्म के अलग-अलग दृश्यों और परिस्थितियों को लेकर मेघना से सवाल करते थे। कई बार उन्हें किसी दृश्य या किरदार के फैसले को लेकर अपनी शंकाएं होती थीं और वह उन मुद्दों पर निर्देशक से चर्चा करते थे। हालांकि, हर बार मेघना गुलजार के पास उनके सवालों का स्पष्ट जवाब होता था।
हर सवाल का जवाब तैयार रखती थीं मेघना
अभिनेता ने मेघना गुलजार की तैयारी की तारीफ करते हुए कहा कि निर्देशक के पास उनके हर ‘क्यों’ का जवाब मौजूद था। यह जवाब केवल पृथ्वीराज के सवालों तक सीमित नहीं थे। अगर करीना कपूर किसी अलग दृष्टिकोण से कोई सवाल या विचार सामने रखती थीं, तो मेघना उसके लिए भी पूरी तरह तैयार रहती थीं। यहां तक कि फिल्म के क्रू की ओर से उठाए गए सवालों पर भी निर्देशक के पास स्पष्ट जवाब होता था।
पृथ्वीराज ने कहा कि मेघना का यह गुण उन्हें बतौर निर्देशक बेहद खास बनाता है। उनके मुताबिक, किसी फिल्म को सही दिशा में ले जाने के लिए निर्देशक का अपने विजन को लेकर स्पष्ट होना जरूरी है। ‘दायरा’ के मामले में मेघना ने यही स्पष्टता पूरी शूटिंग के दौरान बनाए रखी।
करीना कपूर का नजरिया भी रहा अहम
‘दायरा’ में पृथ्वीराज के साथ करीना कपूर भी नजर आएंगी। पृथ्वीराज ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि फिल्म के दौरान करीना की ओर से सामने आने वाला नजरिया कई बार उनसे बिल्कुल अलग होता था। ऐसे में चर्चा और विचार-विमर्श के दौरान कहानी के अलग-अलग पहलुओं को देखने का अवसर मिलता था।
उनके मुताबिक, फिल्म निर्माण में केवल अभिनेता और निर्देशक के बीच बातचीत ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि पूरी टीम के अलग-अलग दृष्टिकोण भी फिल्म को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं। मेघना गुलजार इन सभी विचारों को सुनने और उनके जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहती थीं।
‘दायरा’ के लिए जरूरी है निष्पक्ष दृष्टिकोण
पृथ्वीराज ने ‘दायरा’ को ऐसी फिल्म बताया, जिसमें निर्देशक को बेहद निष्पक्ष दृष्टिकोण बनाए रखने की जरूरत होती है। उनके अनुसार, कहानी की संवेदनशीलता और विषय को देखते हुए फिल्म के हर हिस्से को लेकर गहराई से विचार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह ऐसी फिल्म है, जहां भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों और कहानी की जरूरतों को भी महत्व देना पड़ता है। इसलिए कलाकारों की ओर से सवाल उठना स्वाभाविक है। लेकिन निर्देशक का काम उन सवालों का जवाब देकर कहानी को उसके सही रास्ते पर बनाए रखना होता है।
बहस के बावजूद मेघना के काम से प्रभावित हुए पृथ्वीराज
पृथ्वीराज ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘दायरा’ के दौरान उनकी सबसे ज्यादा बहसें मेघना गुलजार के साथ हुईं और हर एक बहस मेघना ने जीत ली। अभिनेता के लिए यह अनुभव इसलिए भी खास रहा क्योंकि इससे उन्हें निर्देशक की कार्यशैली और फिल्म के विजन को और करीब से समझने का मौका मिला।
उन्होंने मेघना की तैयारी और फिल्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि वह इस फिल्म का हिस्सा बन सके। पृथ्वीराज के बयान से यह साफ है कि सेट पर हुई असहमति को उन्होंने नकारात्मक अनुभव के तौर पर नहीं देखा, बल्कि रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा माना।
कलाकारों की मजबूत टीम से उम्मीदें बढ़ीं
‘दायरा’ में मेघना गुलजार का निर्देशन, पृथ्वीराज सुकुमारन और करीना कपूर की मौजूदगी इसे एक चर्चित प्रोजेक्ट बनाती है। फिल्म के गाने के लॉन्च के दौरान पृथ्वीराज द्वारा साझा किए गए अनुभव ने भी फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
अभिनेता का मानना है कि मेघना की तैयारी और कहानी के प्रति उनका स्पष्ट नजरिया फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। पृथ्वीराज के मुताबिक, भले ही सेट पर कई बार दोनों के बीच बहस हुई, लेकिन हर बहस का उद्देश्य फिल्म को बेहतर बनाना था। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि मेघना गुलजार की यह फिल्म पर्दे पर किस तरह की कहानी पेश करती है और पृथ्वीराज-करीना की जोड़ी दर्शकों पर कितना प्रभाव छोड़ती है।