AAP नेता संजीव झा ने दिल्ली की BJP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ के कथित चावल घोटाले और दिल्ली के मुद्दे उठाने पर विपक्ष को सदन से मार्शल आउट कराया गया।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और विधायक संजीव झा ने दिल्ली की BJP सरकार पर विधानसभा में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। संजीव झा ने कहा कि सरकार सदन में दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय अपनी उपलब्धियों का बखान करने में ज्यादा व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष ने कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के चावल घोटाले और दिल्ली से जुड़े अन्य मुद्दों को सदन में उठाने की कोशिश की, तो उन्हें सदन से मार्शल आउट करा दिया गया।
संजीव झा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में BJP सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को दिल्ली की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष की कोशिश जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने की है, लेकिन सरकार कथित तौर पर उन मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है।
‘दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा के बजाय खुद की तारीफ’
संजीव झा ने BJP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का फोकस दिल्ली के लोगों की समस्याओं को सदन में रखने के बजाय अपनी पीठ थपथपाने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जब दिल्ली के गंभीर मुद्दों को उठाना चाहता है, तो उसे पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता।
AAP नेता के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। आम आदमी पार्टी लगातार BJP सरकार को दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं, प्रशासन और कथित वित्तीय अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर घेरती रही है। वहीं, BJP की ओर से भी AAP के आरोपों का जवाब दिया जाता रहा है।
‘हजारों करोड़ के चावल घोटाले’ का आरोप
भाजपा सरकार सदन में दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा करने की बजाय अपनी पीठ थपथपाने पर ज्यादा केंद्रित है।
जब हमने हजारों करोड़ के चावल घोटाले और अन्य मुद्दों पर बात करनी चाही तो इन लोगों ने हमें सदन से मार्शल–आउट करवा दिया।@Sanjeev_aap pic.twitter.com/ktLhTm2SGL
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 11, 2026
संजीव झा ने अपने बयान में कथित “हजारों करोड़ रुपये के चावल घोटाले” का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष इस मामले और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करना चाहता था, तब उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए इस कथित घोटाले के आरोपों के समर्थन में इस पोस्ट के साथ कोई स्वतंत्र दस्तावेज या विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने नहीं रखी गई है।
ऐसे में इस आरोप को राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए। किसी भी कथित घोटाले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक जांच, दस्तावेजों और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
‘हमें सदन से मार्शल आउट कराया’
संजीव झा ने आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने के बजाय मार्शल आउट कराया गया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा वह मंच है जहां दिल्ली की जनता से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगा जाता है। ऐसे में विपक्ष को मुद्दे उठाने का अवसर मिलना चाहिए।
AAP नेता ने अपने बयान के जरिए यह सवाल भी उठाया कि अगर विपक्ष सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल नहीं पूछेगा, तो जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में कौन उठाएगा। उन्होंने BJP सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को आलोचना और सवालों का जवाब सदन के भीतर देना चाहिए।
दिल्ली की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी
दिल्ली विधानसभा में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव लगातार चर्चा में रहा है। दोनों दल एक-दूसरे की नीतियों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। AAP जहां BJP सरकार पर दिल्ली की समस्याओं को लेकर निशाना साधती है, वहीं BJP पहले की AAP सरकार के कार्यकाल और उसके फैसलों को लेकर सवाल उठाती रही है।
ऐसे माहौल में संजीव झा का ताजा बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका आरोप है कि दिल्ली के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने पर जोर दे रही है। दूसरी ओर, उनके द्वारा लगाए गए कथित चावल घोटाले के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष या स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी होगा।
विपक्ष की भूमिका पर भी उठाया सवाल
संजीव झा के बयान का मुख्य केंद्र विपक्ष की भूमिका और विधानसभा में जवाबदेही का मुद्दा है। उनका कहना है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की समस्याओं को सदन तक पहुंचाना है। यदि किसी वित्तीय अनियमितता या कथित घोटाले को लेकर सवाल हैं, तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए।
दिल्ली में भ्रष्टाचार, सरकारी खर्च, नागरिक सुविधाएं, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में विधानसभा में इन विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
BJP के जवाब का इंतजार
संजीव झा के आरोपों के बाद अब BJP की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर कथित चावल घोटाले और विपक्षी सदस्यों को मार्शल आउट किए जाने के आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल संजीव झा ने BJP सरकार पर दिल्ली की समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उनके बयान ने दिल्ली विधानसभा की राजनीति में एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में यदि AAP इन आरोपों को सदन में और जोरदार तरीके से उठाती है, तो दिल्ली के कथित चावल घोटाले और विधानसभा में विपक्ष के साथ हुए व्यवहार का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।